Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

गणपति के स्वागत में Indian Stock Market बंद: पश्चिम एशिया में भारी तनाव से कांपे एशियाई बाजार, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल

Middle East Affects Asian Stock Market: गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद, उधर मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और ऊर्जा आपूर्ति की चिंताओं के कारण वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दौर।
Indian Stock Market: SENSEX और NIFTY में जोरदार उछाल, LIC और Paytm के शेयरों ने निवेशकों को किया मालामाल

Indian Stock Market News: सोमवार को देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में कारोबार पूरी तरह स्थगित है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों ही प्रमुख मंचों पर इक्विटी, डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग या सेटलमेंट प्रक्रिया नहीं होगी। भारतीय बाजारों में दैनिक परिचालन मंगलवार से दोबारा नियमित रूप से शुरू होगा।

एक तरफ जहां घरेलू बाजार उत्सव के रंग में रंगे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर इसके प्रतिकूल प्रभाव की आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के सीधे असर के रूप में सोमवार को अधिकांश एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली और गिरावट दर्ज की गई।

इसे भी पढ़ें:  Upcoming IPO: निवेशकों को मिलेगा शानदार मौका लॉन्च होंगे ये IPO..!

एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में आज सुबह से ही लाल निशान में कारोबार देखा गया। जापान का बेंचमार्क सूचकांक निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.59 प्रतिशत फिसल गया, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। दक्षिण कोरियाई बाजार में भी भारी बिकवाली का माहौल रहा; वहां का कोस्पी (Kospi) सूचकांक बाजार खुलते ही 3.45 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि कोस्डैक (Kosdaq) में 2.30 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई।

चीन और हांगकांग के बाजारों पर भी मिडिल ईस्ट संकट का असर साफ नजर आया। हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) इंडेक्स 0.33 प्रतिशत नीचे गिरा, जिसमें सबसे अधिक बिकवाली टेक्नोलॉजी और बेसिक मैटेरियल्स से जुड़े शेयरों में दर्ज की गई। इसके अलावा, मुख्यभूमि चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स लगभग स्थिर स्तरों पर कारोबार करता दिखा।

इसे भी पढ़ें:  Jewellery Stocks Jump: Titan, Kalyan Jewellers समेत इन 7 शेयरों में आई तूफानी तेजी, क्या है वजह?

एशियाई बाजारों में इस व्यापक कमजोरी का मुख्य कारण ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं हैं। सऊदी अरब द्वारा अपनी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ को बंद करने के निर्णय के बाद वैश्विक तेल बाजार में संकट गहरा गया है। यह पाइपलाइन कच्चे तेल के परिवहन के लिए एक प्रमुख वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करती है और यह जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हार्मुज) से होकर नहीं गुजरती।

सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र के व्यापारिक जहाजों पर हुए हालिया नए हमलों ने तेल की वैश्विक निर्बाध आपूर्ति को लेकर आशंकाएं और बढ़ा दी हैं। इस अनिश्चितता के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है।

इसे भी पढ़ें:  Windfall Tax Reduced in India: सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स में की बड़ी कटौती, फिर कम होंगे तेल के दाम!

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा, जिसने पिछले सप्ताह ही लगभग 9 प्रतिशत की जोरदार बढ़त हासिल की थी, सोमवार को 2.6 प्रतिशत और बढ़कर 107.36 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी क्रूड (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट – WTI) की कीमतों में भी 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 102.48 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ऊर्जा कीमतों में इस वृद्धि के विपरीत, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई और सोना 0.3 प्रतिशत गिरकर 4,336 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

crude oil price surgeganesh chaturthi 2026Middle East Conflictstock market closed today

Join WhatsApp

Join Now