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Post Office Time Deposit: बैंक एफडी से ज्यादा ब्याज और टैक्स छूट का मौका, पोस्ट ऑफिस की ये योजना दे रही 7.5% तक ब्याज

Post Office FD Scheme: डाकघर की टाइम डिपॉजिट योजना में निवेशकों को 7.5 प्रतिशत तक का ब्याज मिल रहा है, जो देश के कई प्रमुख बैंकों की एफडी दरों से अधिक है। इसमें 80सी के तहत टैक्स छूट भी शामिल है।
Post Office Time Deposit: बैंक एफडी से ज्यादा ब्याज और टैक्स छूट का मौका, जानें नियम

Post Office Time Deposit: भारतीय डाक विभाग की राष्ट्रीय बचत टाइम डिपॉजिट योजना सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरी है। जो निवेशक इन दिनों बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।

इस योजना में जमा राशि पर अधिकतम 7.5% तक का वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है, जो देश के कई प्रमुख कमर्शियल बैंकों द्वारा ऑफर की जा रही ब्याज दरों की तुलना में काफी बेहतर है। राष्ट्रीय बचत टाइम डिपॉजिट अकाउंट एक प्रकार का सावधि जमा खाता ही है। इसमें निवेशक एक निश्चित समय सीमा के लिए अपनी पूंजी जमा करके बिना किसी बाजार जोखिम के तय रिटर्न हासिल कर सकते हैं।

इस योजना के तहत 1 साल से लेकर 5 साल तक की अवधि के लिए खाता खुलवाया जा सकता है। वर्तमान में विभिन्न अवधियों के लिए ब्याज दरें 6.9% से लेकर 7.5% तक तय की गई हैं। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है, जबकि अधिकतम निवेश के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

निवेश की रकम कितने समय में दोगुनी होगी, इसे समझने के लिए वित्तीय बाजार में ‘रूल ऑफ 72’ का उपयोग किया जाता है। रूल ऑफ 72 के अनुसार, यदि आप पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में 7.5% ब्याज दर पर पैसा लगाते हैं, तो आपका मूलधन लगभग 9 साल और 6 महीने (9.5 वर्ष) में दोगुना हो जाएगा। इसके विपरीत, देश के बड़े बैंक एफडी पर औसतन 7% तक का ही ब्याज दे रहे हैं। 7% की दर से रूल ऑफ 72 लागू करने पर पैसे को दोगुना होने में लगभग 10 साल और 3 महीने का समय लगता है। इस तरह डाकघर की योजना में पैसा जल्दी दोगुना होता है।

वित्तीय लाभ के अलावा, यह योजना कर बचत में भी मददगार है। यदि कोई व्यक्ति 5 साल की अवधि के लिए टाइम डिपॉजिट योजना में निवेश करता है, तो उसे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत कर छूट का लाभ प्राप्त होता है। इस प्रावधान के अंतर्गत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में कटौती का दावा किया जा सकता है। यह छूट निवेशकों की कुल कर योग्य आय को कम करके उनकी कुल कर देनदारी घटाने में सीधी मदद करती है।

‘रूल ऑफ 72’ की कार्यप्रणाली बेहद सरल है। यह एक अनुमानित गणना है जिसके माध्यम से निवेशक यह जान सकते हैं कि उनकी पूंजी कितने वर्षों में दोगुनी होगी। इसके लिए संख्या 72 को संबंधित योजना की वार्षिक ब्याज दर से विभाजित किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी योजना में 8% का सालाना ब्याज मिल रहा है, तो 72 को 8 से भाग देने पर 9 प्राप्त होता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि 8% की ब्याज दर पर जमा रकम लगभग 9 वर्षों में दोगुनी हो जाएगी।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में खाता खुलवाने की प्रक्रिया और पात्रता मानदंड काफी लचीले रखे गए हैं। देश का कोई भी वयस्क नागरिक किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर यह खाता खोल सकता है। यह खाता एकल आधार पर या दो से तीन वयस्कों द्वारा मिलकर संयुक्त रूप से भी चलाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग बच्चे अपने नाम से इस खाते का संचालन कर सकते हैं। वहीं 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खुलवा सकते हैं।

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