
Investment Tips
Retirement Planning: रिटायरमेंट फंड की कर रहे हैं तैयारी? निवेश शुरू करने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल
रिटायरमेंट के बाद के खर्चों का सही अनुमान न होना बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है। उम्र बढ़ने के साथ कुछ पुराने खर्च खत्म होते हैं, तो मेडिकल जैसे नए खर्च जुड़ जाते हैं। महंगाई और लंबी उम्र को ध्यान में रखकर सही समय पर निवेश शुरू करना जरूरी है।
Post Office की इन स्कीमों में मिल रहा है सबसे ज़्यादा 8.2% ब्याज, देखें पूरी लिस्ट और मुनाफा
Top Post Office Savings Schemes: देश में सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की....
FD Interest Rate: आज ही जमा करें पैसा, इन बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ाकर ग्राहकों को चौंकाया
Investment Tips: जून 2026 में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, पीएनबी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव किया है, जिसके तहत निवेशकों को अब अधिकतम 8.05 प्रतिशत तक का रिटर्न मिल रहा है।
Post Office RD vs SBI RD: ₹10000 महीना जमा करने पर कहां मिलेगा ज्यादा पैसा?
Investment Tips: सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस और एसबीआई की आरडी के ब्याज दरों में बड़ा अंतर सामने आया है, जिससे मैच्योरिटी राशि प्रभावित हो रही है।
Akshaya Tritiya 2026: क्या आसमान छूती कीमतों के बीच सोना खरीदना अब भी है फायदे का सौदा?
Investment Options: अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर केवल भौतिक सोने तक सीमित न रहें। बदलती अर्थव्यवस्था और बाजार के रुझानों के बीच म्यूचुअल फंड, डिजिटल गोल्ड और एफडी जैसे विकल्प आपकी संपत्ति को सुरक्षित और संवर्धित करने में अधिक सहायक हो सकते हैं।
Section 54EC Income Tax: ₹1.22 करोड़ के मुनाफे पर टैक्स बचाने का गणित, क्या दो बार मिलेगा फायदा?
Income Tax India: जमीन या मकान बेचकर हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट पाने के लिए निवेशक अक्सर 54EC बॉन्ड्स का सहारा लेते हैं, लेकिन निवेश की सीमा और समय सीमा को लेकर उलझन बनी रहती है। जानिए निवेश का सही नियम।
USD to INR Exchange Rate Today: रुपया 94.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर की मजबूती और FII की भारी बिकवाली ने बढ़ाई टेंशन
Indian Rupee at All-time Low: विदेशी मुद्रा बाजार में आज भारतीय रुपया 94.70 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की बढ़ती मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है।

















