Post Office RD vs SBI RD: बिना किसी जोखिम के नियमित बचत करने वाले लोगों के लिए रिकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposit) यानी आरडी एक बेहद लोकप्रिय माध्यम माना जाता है। इस योजना के अंतर्गत निवेशक प्रत्येक महीने एक निश्चित राशि जमा करता है और अवधि पूरी होने पर उसे तयशुदा रिटर्न प्राप्त होता है। भारतीय बाजार में पोस्ट ऑफिस आरडी और एसबीआई आरडी दोनों को ही निवेशकों के बीच काफी भरोसेमंद माना जाता है।
वर्तमान वित्तीय नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति हर महीने 10000 रुपये का निवेश पांच साल की अवधि के लिए करता है, तो दोनों ही जगह मिलने वाली अंतिम रकम में स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है। डाकघर की पांच वर्षीय आरडी योजना के तहत वर्तमान में निवेशकों को 6.7 फीसदी का सालाना ब्याज दिया जा रहा है।
इस ब्याज दर के हिसाब से यदि कोई व्यक्ति हर महीने 10000 रुपये का निवेश लगातार पांच वर्षों तक जारी रखता है, तो उसका कुल निवेश 6 लाख रुपये हो जाएगा। पांच साल की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद निवेशक को अनुमानित मैच्योरिटी राशि के रूप में 7,13,659 रुपये (करीब 7.14 लाख रुपये) प्राप्त होंगे। इस कुल प्राप्त राशि में केवल ब्याज का हिस्सा ही लगभग 1,13,659 रुपये शामिल होता है।
दूसरी तरफ, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की आरडी योजना पर वर्तमान में 6.05 फीसदी का सालाना ब्याज दिया जा रहा है। एसबीआई की इस योजना में भी पांच साल तक हर महीने 10000 रुपये जमा करने पर निवेशक का कुल निवेश 6 लाख रुपये ही रहेगा। हालांकि, ब्याज दर कम होने के कारण मैच्योरिटी की अवधि पूरी होने पर निवेशक को लगभग 7,01,557 रुपये (करीब 7.02 लाख रुपये) मिलेंगे। इसमें ब्याज के तौर पर मिलने वाली राशि लगभग 1,01,557 रुपये होती है।
मौजूदा ब्याज दरों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि पोस्ट ऑफिस आरडी और एसबीआई आरडी की मैच्योरिटी राशि के बीच करीब 12,244 रुपये का सीधा अंतर आ रहा है। पोस्ट ऑफिस में निवेश करने पर ग्राहकों को एसबीआई की तुलना में अधिक मुनाफा हो रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह पूरी कैलकुलेशन वर्तमान में लागू ब्याज दरों पर आधारित है। भविष्य में संबंधित विभागों या बैंक द्वारा ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव किए जाने पर मिलने वाला रिटर्न भी बदल सकता है।
डाकघर की आरडी योजना की खासियतों की बात करें तो इसमें न्यूनतम 100 रुपये मासिक जमा के साथ भी खाता खोला जा सकता है, जबकि अधिकतम निवेश के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस खाते को तीन साल के बाद समय से पहले (प्री-मैच्योर) बंद करने की सुविधा भी मिलती है। परंतु, पांच साल की अवधि पूरी होने से पहले खाता बंद करने की स्थिति में आरडी की तय ब्याज दर के बजाय केवल सामान्य बचत खाते के अनुसार ही ब्याज का भुगतान किया जाता है।
इसके विपरीत, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में भी आरडी खाता 100 रुपये की मासिक किस्त के साथ शुरू किया जा सकता है। परंतु, एसबीआई के नियमों के अनुसार यदि कोई निवेशक अपनी मासिक किस्त जमा करने में देरी करता है, तो उस पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। पांच साल तक की अवधि वाली आरडी पर हर 100 रुपये की विलंबित किस्त पर 1.50 रुपये प्रति माह की दर से जुर्माना वसूला जाता है। इसके अलावा, यदि कोई खाताधारक लगातार छह महीनों तक अपनी किस्तें जमा नहीं करता है, तो बैंक द्वारा उस खाते को समय से पहले बंद किया जा सकता है।
Post Office RD और SBI RD की तुलनात्मक तालिका
| विवरण | पोस्ट ऑफिस आरडी | एसबीआई आरडी |
| ब्याज दर (सालाना) | 6.7 प्रतिशत | 6.05 प्रतिशत |
| मासिक जमा | ₹10,000 | ₹10,000 |
| अवधि | 5 वर्ष | 5 वर्ष |
| कुल निवेश | ₹6,00,000 | ₹6,00,000 |
| अनुमानित मैच्योरिटी राशि | ₹7,13,659 | ₹7,01,557 |
| कुल ब्याज | ₹1,13,659 | ₹1,01,557 |

















