Anthropic Claude AI Research: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल कोड लिखने या दैनिक कामकाज के छोटे-मोटे कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है। एआई का इस्तेमाल अब नए और अधिक शक्तिशाली एआई सिस्टम तैयार करने में भी किया जा रहा है। प्रमुख एआई रिसर्च कंपनी Anthropic द्वारा जारी की गई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, उसका एआई मॉडल Claude अब कंपनी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के 26 प्रतिशत काम में मुख्य भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में यह आंकड़ा 1 प्रतिशत से भी कम दर्ज किया गया था।
कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, उसके 90 प्रतिशत से अधिक एआई रिसर्च और डेवलपमेंट के काम में एआई किसी न किसी रूप में सक्रिय सहयोग दे रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि Claude अभी इंसानी हस्तक्षेप या मार्गदर्शन के बिना पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम नहीं हुआ है।
एआई की कार्य क्षमता और उसके योगदान को सटीक रूप से मापने के लिए Anthropic ने ‘R&D Automation Index’ तैयार किया है। इस इंडेक्स में AL0 से लेकर AL5 तक के अलग-अलग स्तर निर्धारित किए गए हैं। AL0 स्तर का तात्पर्य यह है कि किसी कार्य में एआई की कोई भूमिका नहीं है, जबकि AL5 का अर्थ है कि एआई बिना किसी इंसानी मदद के पूरी तरह से अपने आप काम संपन्न करता है।
इंडेक्स के AL4 स्तर पर एआई को केवल काम से जुड़े मुख्य निर्देश दिए जाते हैं और वह बाकी का अधिकांश कार्य खुद पूरा कर लेता है। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान इंसानी निगरानी बनाए रखना अनिवार्य होता है। अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Claude कंपनी के 26 प्रतिशत मापे गए एआई रिसर्च और डेवलपमेंट R&D कार्यों में AL4 के इस उन्नत स्तर तक पहुंचने में सफल रहा है।
Anthropic इस पहलू पर भी विस्तृत शोध कर रही है कि एआई खुद को बेहतर बनाने में कितनी मदद कर सकता है। तकनीकी भाषा में इस प्रक्रिया को ‘Recursive Self-Improvement’ कहा जाता है। इसका सीधा अर्थ उस स्थिति से है, जब कोई एआई मॉडल बिना किसी मानवीय मदद के स्वतंत्र रूप से अपने से अधिक शक्तिशाली और सक्षम एआई सिस्टम के निर्माण में योगदान देना शुरू कर दे।
कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान एआई मॉडल अभी इस स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। इसके बावजूद रिसर्च, कोडिंग, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में एआई की तेजी से बढ़ती भूमिका यह संकेत देती है कि भविष्य में नए और अधिक उन्नत एआई मॉडल तैयार करने की गति पहले से कई गुना तेज हो सकती है।
रिपोर्ट में एआई एजेंटों के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए गए हैं। अगस्त 2026 तक Anthropic के सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले इंटरनल प्लेटफॉर्म पर लगभग 30,000 एआई एजेंट एक साथ सक्रिय होकर काम कर रहे थे।
कंपनी ने अगस्त के दौरान रिसर्च और इंजीनियरिंग से जुड़े इन एआई एजेंटों के एक अरब से भी अधिक फैसलों का गहन विश्लेषण किया। इस विश्लेषण के दौरान केवल 0.002 प्रतिशत फैसलों को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम द्वारा रोका गया। इसका सीधा मतलब यह है कि लगभग हर 47,000 फैसलों में से केवल एक फैसला सिस्टम द्वारा रोका गया।
इसके अतिरिक्त, ऑफलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम ने हर 1,000 रिकॉर्ड्स में से लगभग 1 से 2 रिकॉर्ड्स को आगे की विस्तृत जांच के लिए चिन्हित किया। इस प्रक्रिया के तहत हर हफ्ते औसतन 50 गंभीर मामलों को मानव विशेषज्ञों के पास समीक्षा और अंतिम निर्णय के लिए भेजा गया।
सुरक्षा मानकों और कंप्यूटिंग खर्च पर बात करते हुए Anthropic ने बताया कि जुलाई 2026 के एक सप्ताह के दौरान एआई R&D के लिए इस्तेमाल की गई कुल कंप्यूटिंग क्षमता का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षा जांच और सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर खर्च किया गया था।
वहीं, दूसरी ओर एआई की मदद से किए जा रहे R&D कार्यों में सुरक्षा से जुड़ी यह हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि, कंपनी का कहना है कि ये आकलन सीमित हो सकते हैं, क्योंकि एआई सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में केवल कंप्यूटिंग क्षमता के बजाय मानव विशेषज्ञों के अनुभव की अधिक आवश्यकता होती है। Anthropic ने यह भी सुझाव दिया है कि अन्य प्रमुख एआई कंपनियों को भी ऐसे आंकड़े नियमित रूप से सार्वजनिक करने चाहिए ताकि एआई विकास की वास्तविक गति को समझा जा सके।


















