Mandi News Today: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर में तैनात खंड विकास अधिकारी (BDO) पवन कुमार को ग्रामीण विकास विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेशों के अनुसार, उन पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन न करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में निलंबन के साथ-साथ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि गोहर में BDO के पद पर कार्यरत पवन कुमार ने सक्षम उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। विभाग ने इस मामले को प्रशासनिक अनुशासनहीनता मानते हुए गंभीरता से लिया और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत यह निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि के दौरान BDO पवन कुमार का कार्यस्थल मुख्यालय ग्रामीण विकास विभाग के निदेशालय, शिमला में निर्धारित किया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, वह सक्षम प्राधिकारी की अग्रिम अनुमति के बिना अपना तय मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
इस प्रशासनिक कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर गोहर उपमंडल में 17 सितंबर से आयोजित जिलास्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेले में हुए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। बासा पंचायत द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन भाजपा विधायक विनोद कुमार ने किया था। वहीं, मेले में विभिन्न सरकारी विभागों की प्रदर्शनी का शुभारंभ कांग्रेस प्रत्याशी रहे तथा प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान की अध्यक्षता में हुआ था।
स्थानीय गलियारों में चर्चा है कि नाचन क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता को इस आयोजन के दौरान अपेक्षित तवज्जो नहीं मिली, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया। गौर करने वाली बात यह भी है कि निलंबित बीडीओ पवन कुमार खुद इस ख्योड़ नलवाड़ मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
निलंबन की इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए BDO पवन कुमार ने पुष्टि की कि उन्हें विभाग की ओर से निलंबन आदेश प्राप्त हो गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जारी आदेश में निलंबन के पीछे की स्पष्ट वजह का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। दूसरी ओर, नाचन से भाजपा विधायक विनोद कुमार ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए इस पूरी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित करार दिया है।


















