Prajasatta Side Scroll Menu

शिक्षा निदेशालय शिमला के बाहर छात्र अभिभावक मंच का निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन

IMG 20201216 WA0022

छात्र अभिभावक मंच हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों द्वारा टयूशन फीस के साथ सभी तरह के चार्जेज़ की वसूली के खिलाफ शिक्षा निदेशालय शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नालागढ़,बद्दी,सोलन,कुल्लू,मनाली,मोहल,पालमपुर,नगरोटा सहित प्रदेश भर में प्रदर्शन हुए। ये प्रदर्शन स्कूलों,ब्लॉक,तहसील,जिला मुख्यालयों आदि पर हुए। मंच ने निजी स्कूलों द्वारा छात्रों व अभिभावकों की मानसिक प्रताड़ना पर रोक लगाने की मांग की है। मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर उसने पूर्ण फीस वसूली के निर्णय को जबरन लागू करने की कोशिश की तो इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन होगा।

इस मुद्दे पर शिक्षा निदेशालय शिमला के बाहर मंच के सदस्य एकत्रित हुए तथा लगभग तीन घण्टे तक प्रदेश सरकार,शिक्षा विभाग व निजी स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते रहे। अंदर संयुक्त शिक्षा निदेशक व निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों की बैठक चलती रही व बाहर अभिभावक जोरदार नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारी निजी स्कूलों की लूट व खुली मनमानी के खिलाफ तीन घण्टे तक आंदोलनरत रहे। मंच का एक प्रतिनिधिमंडल संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिला व लगभग एक घण्टा बातचीत हुई। इस दौरान निजी स्कूलों पर नकेल लगाने के मुद्दे पर मंच के पदाधिकारियों ने शिक्षा अधिकारियों से मांग की। उन्होंने मांग की है कि टयूशन फीस के अलावा एनुअल चार्जेज़ सहित सभी तरह के चार्जेज़ पर रोक लगाने हेतु प्रदेश सरकार व शिक्षा निदेशालय दो दिन के भीतर एक अधिसूचना जारी करें। मंच के सदस्यों ने शिक्षा अधिकारियों पर निजी स्कूलों पर नरम रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी तभी धरने से उठे जब अधिकारियों ने 10 नवम्बर व 8 दिसम्बर की छात्र व अभिभावक विरोधी अधिसूचनाओं को रद्द करने व निजी स्कूलों की टयूशन फीस के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के चार्जेज़ पर रोक लगाने का आश्वासन दिया व इस संदर्भ में तुरन्त अधिसूचना जारी करने की बात कही। प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा,विवेक कश्यप,सत्यवान पुंडीर,जियानंद शर्मा,सुनील चन्देल,विक्रम ठाकुर,यशपाल शर्मा,बाबू राम,बालक राम,संगीता,रामप्रकाश,रमन थारटा,अनिल ठाकुर,रविन्द्र चन्देल,रॉकी व गौरव नाथन आदि मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें:  टीकाकरण में हिमाचल प्रदेश देशभर में सर्वोच्च स्थान पर: मुख्यमंत्री

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा,सदस्य विवेक कश्यप,सत्यवान पुंडीर व जियानंद शर्मा ने शिक्षा निदेशक को चेताया है कि अगर उन्होंने निजी स्कूलों की एनुअल चार्जेज़,कम्प्यूटर फीस,स्मार्ट क्लास रूम व अन्य चार्जेज़ की वसूली पर रोक न लगाई तो आंदोलन तेज होगा व 21,24 व 28 दिसम्बर को प्रदेश भर में प्रदर्शन होंगे। उन्होंने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छः लाख छात्रों के दस लाख अभिभावकों सहित कुल सोलह लाख लोगों से निजी स्कूलों की पूर्ण फीस उगाही का पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने पूर्ण फीस वसूली के निर्णय को बेहद चौंकाने वाला छात्र व अभिभावक विरोधी निर्णय बताया है। इस निर्णय के आने के बाद निजी स्कूलों ने छात्रों व अभिभावकों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। निजी स्कूलों व संस्थानों ने दोबारा से छात्रों व अभिभावकों को पूर्ण फीस जमा करने के लिए मोबाइल मैसेज भेजना शुरू कर दिए हैं। इन मैसेज में उन्हें डराया धमकाया जा रहा है कि अगर पूर्ण फीस जमा न की गई तो छात्रों को न केवल संस्थानों से बाहर कर दिया जाएगा अपितु उन्हें परीक्षाओं में भी नहीं बैठने दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  चौपाल में पेड़ काट रहे आरोपियों को रोकने गए फॉरेस्ट गार्ड पर हमला, मामला दर्ज

विजेंद्र मेहरा ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मांग की है कि सभी तरह के चार्जेज़ पर तुरन्त रोक लगाने के लिए तुरन्त अधिसूचना व आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि केवल अखबारी बयानों से बात नहीं बनेगी व निजी स्कूलों द्वारा वसूले जा रहे चार्जेज़ पर रोक लगाने के लिए सरकार को लिखित आदेश जारी करने पड़ेंगे। उन्होंने शिक्षा निदेशक की 8 दिसम्बर की अधिसूचना को निजी स्कूलों की मनमानी को बढ़ाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि इस अधिसूचना में स्कूल पीटीए व प्रबंधन को फीसों के संदर्भ में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है। जब स्कूल ही नहीं चले व जनरल हाउस का आयोजन नहीं हुआ तो फिर पीटीए कब,कैसे और कहां बन गयी। यह सब डम्मी पीटीए को मान्यता देने के लिए हो रहा है ताकि उन डम्मी पीटीए के ज़रिए निजी स्कूलों द्वारा सभी तरह के चार्जेज़ को वसूलने के कदम को जायज़ ठहराया जा सके। उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय से अपील की है कि वह निजी स्कूलों द्वारा पूर्ण फीस वसूली के मामले पर हस्तक्षेप करके प्रदेश सरकार पर कार्रवाई करे। प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय के निर्णय की गलत व्याख्या कर रही है व अपनी सुविधा अनुसार माननीय उच्च न्यायालय के नाम पर निजी स्कूलों को छूट दे रही है। उन्होंने एनुअल चार्जेज़,कम्प्यूटर,स्मार्ट क्लास रूम फीस आदि के नाम पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने वाले निजी स्कूल प्रबंधनों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।

इसे भी पढ़ें:  सर्बजीत सिंह बॉबी ने मुख्यमंत्री से भेंट की
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Shimla HP news Shimla latest update Shimla Local News Shimla News Shimla News Today Shimla tourism news Shimla Weather Update

Join WhatsApp

Join Now