Used Car Fraud Bilaspur: बिलासपुर जिले में सेकेंड हैंड गाड़ियों की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। आरोपी ने खुद को वाहन कारोबारी बताकर एक व्यक्ति को चोरी की स्कॉर्पियो बेची और 14 लाख रुपये ऐंठ लिए। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब शिमला पुलिस की जांच में गाड़ी के चोरी का होने की पुष्टि हुई।
जानकारी के मुताबिक घुमारवीं निवासी अशोक कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में उन्होंने अराफात हुसैन नामक व्यक्ति से काले रंग की स्कॉर्पियो का सौदा 14 लाख रुपये में तय किया था। आरोपी ने विश्वास में लेने के लिए खुद को सेकेंड हैंड गाड़ियों का कारोबारी बताया था। पीड़ित ने 28 दिसंबर 2025 को अपने मित्र की मौजूदगी में 3 लाख रुपये नकद आरोपी को दिए।
बाकी बची राशि के लिए पीड़ित ने पंजाब नेशनल बैंक, एम्स शाखा बिलासपुर से 11.50 लाख रुपये का वाहन ऋण लिया। इसके बाद 13 जनवरी 2026 को आरोपी के निर्देश पर पीड़ित ने 10.50 लाख रुपये उसके द्वारा बताए गए एचडीएफसी बैंक खाते में जमा करवा दिए। इस प्रकार कुल 14 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
धोखाधड़ी का यह मामला 28 फरवरी 2026 को सामने आया। शिमला पुलिस की पड़ताल में पता चला कि वह स्कॉर्पियो चोरी की है और उसकी प्राथमिकी (FIR) पंजाब के अमृतसर में दर्ज थी। गहन जांच के दौरान गाड़ी के इंजन नंबर और चेसिस नंबर भी फर्जी पाए गए। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा पीड़ित को सौंपी गई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) भी पूरी तरह से नकली निकली।
बिलासपुर में इस तरह के फर्जीवाड़े की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बिलासपुर आरएलए (RLA) शाखा में चोरी की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करवाकर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया था। उस मामले में दिल्ली पुलिस की टीम ने आरएलए के कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया था, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
वर्तमान मामले को देखते हुए पुलिस अब इसकी कड़ियां पुराने मामलों से जोड़कर जांच कर रही है। बिलासपुर के एसपी संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि चोरी की गाड़ी बेचने और धोखाधड़ी के संबंध में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस टीम मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि आरोपी की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
















