Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

CPI Data: अगस्त 2025 में खुदरा महंगाई बढ़ी, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

Published on: 12 September 2025
CPI Data: अगस्त 2025 में खुदरा महंगाई बढ़ी, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

CPI Data August 2025: अगस्त 2025 में भारत में खुदरा महंगाई (CPI) की दर बढ़कर 2.07% हो गई है, जो जुलाई के मुकाबले 46 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि दर्शाती है। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है, जिससे अभी उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है। खास बात यह है कि लगातार तीसरे महीने खाद्य महंगाई नकारात्मक बनी रही, जो कीमतों में स्थिरता का संकेत देती है।

अगस्त में क्या रहा हाल?
अगस्त 2025 में देशभर का औसत CPI (जनरल इंफ्लेशन) 2.07% (अस्थायी आंकड़ा) रहा, जो जुलाई के 1.61% से ऊपर है। खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) -0.69% पर स्थिर रहा, यानी खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में अभी भी कमी देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 1.69% और शहरी इलाकों में 2.47% रही।

खाद्य महंगाई में सुधार क्यों?
जुलाई में खाद्य महंगाई -1.74% थी, जो अगस्त में -0.69% पर आ गई। इस बदलाव के पीछे सब्जियों, मांस-मछली, तेल-घी, अंडों और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों की कीमतों में हुई मामूली वृद्धि जिम्मेदार है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई -0.70% और शहरी क्षेत्रों में -0.58% रही।

ग्रामीण और शहरी महंगाई में अंतर
– ग्रामीण महंगाई जुलाई के 1.18% से बढ़कर अगस्त में 1.69% हो गई।
– शहरी महंगाई जुलाई के 2.10% से बढ़कर 2.47% पर पहुंची।

विभिन्न क्षेत्रों में महंगाई का हाल
– आवास (हाउसिंग): अगस्त में 3.09% (जुलाई में 3.17%)
– शिक्षा (एजुकेशन): अगस्त में 3.60% (जुलाई में 4.11%)
– स्वास्थ्य (हेल्थ): अगस्त में 4.40% (जुलाई में 4.57%)
– परिवहन और संचार: अगस्त में 1.94% (जुलाई में 2.12%)
– ईंधन और बिजली: अगस्त में 2.43% (जुलाई में 2.67%)

विशेषज्ञों का मानना है कि अभी महंगाई RBI के निर्धारित स्तर से काफी नीचे है। अगर आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई सकारात्मक दिशा में जाती है, तो सितंबर और अक्टूबर में समग्र महंगाई में मामूली उछाल देखा जा सकता है। फिर भी, मौजूदा स्थिति उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी बनी हुई है।

Aaj Ki Khabrenlatest hindi newsnewssamachar todaytoday news Hindi

Join WhatsApp

Join Now