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Meta New Rules: मेटा ने फेसबुक पर अनऑरिजिनल कंटेंट को रोकने के लिए लागू किए नए नियम..!

Published on: 15 July 2025
Meta New Rules to tackle unoriginal content on Facebook

Meta New Rules to tackle unoriginal content on Facebook: फेसबुक पर ओरिजिनल क्रिएटर्स को बेहतर सपोर्ट मिले और कॉपीड या स्पैमी पोस्ट्स की बाढ़ कम हो सके इसके लिए मेटा कई बड़े बदलाव कर रहा है। कंपनी का मानना है कि क्रिएटर्स को उनके अनोखे विचारों और आवाज़ों के लिए सराहा जाना चाहिए, न कि उन अकाउंट्स द्वारा पीछे छोड़ा जाए जो बिना परमिशन के कंटेंट दोबारा पोस्ट करते हैं।

उल्लेखनीय है कि फेसबुक लंबे समय से क्रिएटिव कंटेंट शेयर करने का पॉपुलर प्लेटफॉर्म रहा है, लेकिन हाल में कई यूजर्स ने नोटिस किया है कि वही पोस्ट बार-बार दिखाई दे रही हैं। अक्सर ये पोस्ट्स ऐसे अकाउंट्स से आती हैं जो ओरिजिनल क्रिएटर्स बनने का नाटक करते हैं या वे पेज्स जो दूसरों द्वारा बनाए गए वायरल कंटेंट को शेयर करके जल्दी पॉपुलरिटी हासिल करना चाहते हैं।

Meta New Rules: क्या है अनऑरिजिनल कंटेंट?

फेसबुक अनऑरिजिनल कंटेंट में वे वीडियोज, फोटोज या टेक्स्ट पोस्ट्स शामिल हैं जो किसी अन्य क्रिएटर से बिना क्रेडिट या परमिशन के दोबारा इस्तेमाल या रिपरपोज़ किए जाते हैं। मेटा विशेष रूप से उन रिपोस्टिंग को लेकर चिंतित है जहां कोई भी सार्थक बदलाव या एन्हांसमेंट नहीं किया जाता।

कंपनी को इस बात से आपत्ति नहीं है कि लोग दूसरों के बनाए गए वीडियो या सामग्री को फिर से साझा करें, अगर वे उसमें अपनी खुद की टिप्पणी, प्रतिक्रिया, या रचनात्मक बदलाव जोड़ें।

लेकिन कंपनी उन लोगों के खिलाफ है जो केवल दूसरों का कंटेंट जैसे का तैसा पोस्ट कर देते हैं, ताकि केवल दर्शक (व्यूज़) या अनुयायी (फॉलोअर्स) बढ़ें, बिना किसी नई चीज़ को जोड़े। इसे आलसी दोहराव (Lazy Reposting) कहा जाता है।

मेटा (फेसबुक की मालिक कंपनी) क्या कदम उठा रही है?

  • मेटा ने ऐसी बिना मौलिकता वाली सामग्री (अनऑरिजिनल कंटेंट) को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं:
  • जो अकाउंट बार-बार दूसरों की सामग्री को दोहराते हैं, उन्हें कुछ समय के लिए कमाई करने के कार्यक्रमों से बाहर कर दिया जाएगा।
  • ऐसे अकाउंट्स की पहुंच (रीच) घटा दी जाएगी, यानी उनकी पोस्ट को बहुत कम लोग देख पाएंगे।
  • जो वीडियो पूरी तरह से नकल किए गए होंगे, उन्हें बहुत कम लोगों को दिखाया जाएगा ताकि असली बनाने वाले को ज़्यादा मौके मिलें।
  • फेसबुक एक नया फीचर भी आज़मा रहा है, जिससे कोई भी यह देख सकेगा कि मूल सामग्री कहां है और किसने बनाई।
  • इन सबका उद्देश्य यह है कि फेसबुक को एक ऐसा मंच बनाया जाए जहां असली रचनाकारों को सम्मान और उनकी मेहनत का फल मिले।

अपने कंटेंट को ज़्यादा लोगों तक कैसे पहुँचाएं?

मेटा ने फेसबुक पर पोस्ट करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं जिससे हर यूजर अपने काम का पूरा लाभ उठा सके:

  • वही सामग्री पोस्ट करें जो आपने खुद बनाई या फिल्माई हो।
  • अगर आप किसी और की वीडियो या तस्वीरें इस्तेमाल कर रहे हैं (अनुमति लेकर), तो उसमें कुछ नया जोड़ें, जैसे, अपनी आवाज़ में समझाना, या टिप्पणी करना। सिर्फ किसी वीडियो को जोड़ना या उस पर नाम चिपका देना काफी नहीं है।
  • बहुत छोटे वीडियो, जिनमें कोई जानकारी या मनोरंजन न हो, उनसे बचें।
  • दूसरे मंचों से लिए गए, जिन पर पहले से चिह्न (वॉटरमार्क) लगा हो या जो पहले ही इस्तेमाल हो चुके हों, ऐसे कंटेंट से दूरी बनाएँ।
  • कैप्शन (कैप्शन मतलब जो पोस्ट के साथ लिखा जाता है) साफ़ और ज़रूरी होना चाहिए। इसमें 5 हैशटैग तक हो सकते हैं, लेकिन पूरे कैप्शन को बड़े अक्षरों में लिखने या असंबंधित लिंक डालने से बचें।

दरअसल, मेटा ने कहा है कि फेसबुक पर ये बदलाव धीरे-धीरे आने वाले महीनों में लागू किए जाएंगे। फेसबुक का लक्ष्य है कि वह एक ऐसा मंच बने जहां असली और मेहनत से तैयार किया गया कंटेंट सबसे आगे हो और रचनाकारों को उनके काम का पूरा सम्मान और लाभ मिले। कंपनी ने समझाया है कि क्रिएटर्स फले-फूले और उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी के लिए उन्हें रिवॉर्ड भी मिले,” ।

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