Chamba News: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में एक सनसनीखेज और दिल नहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां अपने 6 साल के मासूम बेटे को उफनती रावी नदी में फेंकने वाले आरोपी पिता को शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट चंबा में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पिता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। इससे पहले आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहा था, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
अदालत में पेशी से पहले पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी पिता का पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। मेडिकल जांच प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद आरोपी को कड़े सुरक्षा घेरे के बीच डिस्ट्रिक्ट कोर्ट चंबा ले जाया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से रिमांड अवधि के दौरान मिली जानकारियों को रखा गया, जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए।

बता दें कि यह पूरा मामला 11 अगस्त को उस समय सामने आया जब आरोपी पिता खुद पुलिस चौकी सुल्तानपुर पहुंचा। उसने वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने यह कबूल कर सनसनी फैला दी कि उसने अपने ही 6 साल के मासूम बेटे को रावी नदी में फेंक दिया है। आरोपी के इस अपराध को स्वीकार करते ही पुलिस चौकी सुल्तानपुर का सारा स्टाफ सन्न रह गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया और आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी चंबा दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। मासूम की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दमकल विभाग की संयुक्त टीमों को रावी नदी के तटीय इलाकों में तैनात किया गया। पिछले चार दिनों से एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें रावी नदी के तेज बहाव में बच्चे की तलाश के लिए लगातार व्यापक सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक मासूम बच्चे का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। चंबा जिले में घटे अपनी तरह के इस अनोखे और खौफनाक आपराधिक मामले को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और हैरानी है।
मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि आरोपी पिता को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चे की तलाश के लिए रावी नदी में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन इस पूरे आपराधिक मामले से जुड़े अन्य सभी तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं पर भी गहराई से जांच आगे बढ़ा रहा है।
एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी के अनुसार, अब तक की पुलिस तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी पिता का अपनी पत्नी के साथ फोन पर तीखा झगड़ा हुआ था। उसकी पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। इसी कहासुनी के बाद आरोपी ने तैश में आकर मासूम बच्चे को परेल पुल के पास ले जाकर रावी नदी में फेंक दिया।
दूसरी ओर, मायके में रह रही आरोपी की पत्नी ने घटनाक्रम पर अलग दावा प्रस्तुत किया है। पत्नी ने अपने पति द्वारा बेटे को रावी नदी में फेंकने की बात को पूरी तरह से झूठ करार दिया है। पत्नी का आरोप है कि उसके पति ने बेटे को नुकसान पहुंचाने के बजाय कहीं छिपाकर रखा है। उसने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अपने बेटे को सुरक्षित ढूंढ निकालने की गुहार लगाई है। इसके अलावा, पत्नी ने पति पर किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध होने और अपने सास-ससुर पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का कहना है कि इसी उत्पीड़न के कारण वह अपने मायके में रहने को मजबूर थी।


















