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HRTC E-Bus Row: चंडीगढ़ में हिमाचल की इलेक्ट्रिक बस रोकने पर विवाद, ऊना डिपो ने जवाबी कार्रवाई में रोकीं CTU बसें

HRTC CTU Bus Dispute: चंडीगढ़ आईएसबीटी में परमिट विवाद के कारण एचआरटीसी की ई-बस रोके जाने के जवाब में ऊना डिपो ने सीटीयू की बसों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया, जिसके बाद सीटीयू ने रोक वापस ली।
By PNT
Published on: 15 August 2026
HRTC E-Bus Row: चंडीगढ़ में हिमाचल की इलेक्ट्रिक बस रोकने पर विवाद, ऊना डिपो ने जवाबी कार्रवाई में रोकीं CTU बसें

HRTC E-Bus Row: चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय बस सेवाओं को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। चंडीगढ़ आईएसबीटी में हिमाचल पथ परिवहन निगम की एक इलेक्ट्रिक बस को सीटीयू द्वारा रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके जवाब में ऊना डिपो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईएसबीटी ऊना में सीटीयू की बसों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।

दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब ऊना से चंडीगढ़ पहुंची एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस को सीटीयू अधिकारियों ने परमिट का हवाला देकर रोक दिया। ऊना डिपो प्रबंधन ने इस मुद्दे को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया और सीटीयू अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन सीटीयू प्रबंधन की ओर से फोन नहीं उठाया गया। अधिकारियों द्वारा कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर ऊना डिपो ने कड़ा रुख अपनाया और जवाबी कार्रवाई करते हुए सीटीयू की सभी बसों को ऊना आईएसबीटी में प्रवेश करने से रोक दिया।

ऊना डिपो की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के कारण उत्पन्न दबाव के बाद सीटीयू प्रबंधन को अपना फैसला बदलना पड़ा। सीटीयू ने हिमाचल की इलेक्ट्रिक बसों के चंडीगढ़ आईएसबीटी में प्रवेश पर लगाई गई रोक को तुरंत प्रभाव से हटा लिया। ऊना डिपो के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक हिमाचल की बसों को चंडीगढ़ में सुचारू रूप से चलने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक सीटीयू की बसों को भी ऊना में बिना रोक-टोक चलने की छूट नहीं दी जा सकती।

इस विवाद का मुख्य कारण इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़े परमिट नियम हैं। एचआरटीसी ऊना के डीडीएम राजेश जोशी और मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए किसी विशेष परमिट की आवश्यकता नहीं होती है। एचआरटीसी द्वारा ये बसें निर्धारित अनुमति के आधार पर ही भेजी गई थीं। ऐसे में सीटीयू द्वारा परमिट का हवाला देकर बस रोकना नियमों के विपरीत था।

एचआरटीसी के मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल ने बताया कि परिवहन निगम की बस को गलत तरीके से रोका गया था। इस मामले को लेकर सीटीयू प्रबंधन से जिम्मेदार सुपरवाइजर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है। हालांकि ऊना डिपो की जवाबी कार्रवाई के बाद मामला फिलहाल शांत हो गया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने अंतरराज्यीय रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़े नियमों की स्पष्टता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

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