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Manimahesh Yatra Safety Campaign: मणिमहेश यात्रियों के लिए विशेष बचाव अभियान समाप्त, अंतिम दिन 64 श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट, 8500 को मुफ्त परिवहन

Manimahesh Yatra Safety Campaign: मणिमहेश यात्रियों के लिए विशेष बचाव अभियान समाप्त, अंतिम दिन 64 श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट, 8500 को मुफ्त परिवहन
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Manimahesh Yatra Safety Campaign: हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन चंबा द्वारा श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे श्रद्धालुओं के लिए भरमौर से करियां (चंबा) तक चलाया गया विशेष बचाव अभियान 6 सितंबर को संपन्न हो गया है। इस अभियान के अंतिम दिन एमआई 17 हेलीकॉप्टर की सहायता से शेष अंतिम 64 श्रद्धालुओं के अलावा दो शवों को भी भरमौर से करियां (चंबा) पहुंचाया गया है। यह जानकारी उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चम्बा मुकेश रेपसवाल ने आज यहां दी।

उन्होंने बताया कि हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत लगभग सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है तथा हेलीकॉप्टर ऑपरेशन आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है बावजूद इसके यदि अब भी कोई यात्री लापता है या घर नहीं पहुंचा है, तो उनके परिजन जिला प्रशासन चंबा द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 98166 98166 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से उन्हें तलाश कर सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने जानकारी दी थी पिछले तीन दिनों से भरमौर में फंसे लगभग 700 श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से करियां (चंबा) पहुंचाया गया। हिमाचल प्रदेश सरकार के सफल प्रयासों से इस बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना के दो चिनूक हेलीकॉप्टरों और एम-17 हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। चिनूक हेलीकॉप्टरो ने 5 सितंबर को एक ही दिन में 524 यात्रियों और 3 शवों को सुरक्षित करियां (चंबा) पहुंचाया जबकि एम आई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा 6 सितंबर को सुबह अंतिम 64 यात्रियों सहित 2 शवों को सुरक्षित निकाला गया। उपायुक्त चंबा ने बताया कि इस वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न कारणों से कुल 17 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है जिसमें यात्रा अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के मृतकों का आंकड़ा शामिल नहीं है।

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मुकेश रेपसवाल ने बताया कि आने वाले सभी श्रद्धालुओं को 29 अगस्त से लगातार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से विभिन्न गंतव्यों के लिए निशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि एचआरटीसी द्वारा इस अवधि में लगभग 195 बसों के माध्यम से पठानकोट, कांगड़ा, भदरवा लंगेरा, नूरपुर तथा अन्य गंतव्यों तक लगभग 8500 श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भेजा गया।

उपायुक्त चंबा ने प्रदेश सरकार का इस विशेष बचाव अभियान को न्यूनतम समय अवधि के अंदर पूर्ण करने किए गए सभी प्रयासों की सराहना की व राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। उपयुक्त चंबा ने जानकारी दी कि चंबा-भरमौर 154 ए राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं तथा अगले तीन से चार दिनों के भीतर सड़क मार्ग बहाली के लिए लगी मशीनरी दुर्गेठी घार तक पहुंच जाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की लगभग एक हफ्ते के भीतर चंबा भरमौर सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खुल जाएगा।

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उपायुक्त चंबा ने कहा कि मणिमहेश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के अलावा श्रद्धालुओं को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने में स्वयं सेवी संस्थाओं सहित बड़ी संख्या में जिला चंबा वासियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जहां एक ओर लंगर व मेडिकलकैंप की व्यवस्था की गई, वहीं दूसरी ओर अनेक जिला चंबा के वासियों ने भी कई श्रद्धालुओं के लिए अपने घरों में ही उनके ठहरने व खाने के लिए निशुल्क प्रबंध किए।

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