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कोरोना से ठीक होने के बाद अमित ने साझा किया अनुभव, कहा- परिवार ने बढ़ाया हौसला

गद्स

हमारी पूरी मानव जाति आज एक ऐसी महामारी से जूझ रही है, जो मानव के स्वयं की गलतियों को प्रकाशित कर रहा है। मेरे अनुसार भारत में कोरोना की जंग लड़ने के लिए दो अलग-अलग पक्ष हैं। एक पक्ष हमें यह बताता है कि हमें घर पर रहना चाहिये, साफ-सफाई का ध्यान रखना एवं सरकार द्वारा बनाएं गए नियमों का पालन करना चाहिए; तभी हम और हमारा परिवार कोरोना से सुरक्षित रहेंगे। इसी के विपरीत दूसरा पक्ष वह है जो समाज की सारी समस्याओं का हल करने के लिए किसी अन्य शक्ति पर निर्भर करता है जिसे हम दैवीय शक्ति भी कहते हैं और मेरी मानें तो यह दोनों हीं इस लड़ाई में बहुत ज़रूरी हैं| ईश्वर, नियम और विज्ञान यही उपयुक्त हथियार है इस महामारी से लड़ने के लिए|

बीते दिनों करोना से आखिरकार मेरा भी सामना हुआ और मैं भी इस भयानक रोग का शिकार हुआ| वो दिन आज भी याद है मुझे जिस दिन मैंने स्थानीय स्वास्थ्य केँद में अपना करोना टेस्ट करवाया था और टेस्ट करवाने के कुछ क्षण बाद स्वास्थ्य कर्मचारी ने मुझे मेरे करोना से संक्रमित होनें की जानकारी दी और उसे सुनकर में बिल्कुल स्तब्ध रह गया| मैं यह सुनकर कुछ पल के लिए भयभीत हो गया और सोचने लगा की मैंने तो हर संभव कोशिश की इस महामारी से बचने कि फ़िर आखिर में कैसे करोना से संक्रमित हो गया| उसी दिन एक और वाक्या मेरे सामने हुआ मेरा टेस्ट होनें के बाद मेरे साथ खड़े एक व्यक्ति का भी टेस्ट उस रोज़ हुआ और जैसे हीं स्वास्थ्य कर्मचारी ने उसे उसके करोना संक्रमित होनें की बात कही वह आदमी उसी समय बेहोश हो गया और उसके बेहोश होनें का कारण कोरोना से संक्रमित होनें की सूचना थी|

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उस पल मेरे समक्ष मेरे पूरे परिवार की तस्वीर आंखों के सामने आ ग| जब मैंने ये सारा दृश्य देखा तो मुझे यह समझ आ गया था की इस महामरी से लड़ना है तो खुद को मज़बूत बनाना पड़ेगा और इस महामरी से बिल्कुल भी भयबीत होनें की आवश्यकता नहीं है| मुझे समझ आगया था की कोरोना संक्रमित होनें के बाद मानसिक स्थिति क्या होती है परंतु मुझे यह भी ज्ञात हो गया की इस से डरना नहीं बल्कि मजबूत होकर लड़ना है| अब यह सब मुझे तो समझ आगया था लेकिन फिक्र थी परिवार की उन्हें कैसे बताया और समझाया जाए, यह एक बहुत बड़ी चुनौती भी थी मेरे लिए|

जब में हॉस्पिटल से दवाई लेकर घर पहुँचा तो हिम्मत तो नहीं हो पा रही थी की अपने परिवार को अपनी इस परिस्थिती के बारे में बताऊं क्योंकि अभी बच्चे भी बहुत छोटे हैं परंतु बताना भी अनिवार्य था तभी सामने मेरी धर्मपत्नी मेरे पास आई और उसको देखकर थोड़ा सोचते हुए मैंने अपने संक्रमित होनें की बात कही तत्पश्चात मेरा जो सारा भय था वह मेरे धर्मपत्नी की एक बात से दूर हो गया, धर्मपत्नी नें मुझे कहा आप को ज़रा भी ज़्यादा सोचने और चिंतित होनें की आवश्यकता नहीं यह संक्रमण पूरी दुनियां में फैला है, अनेकों लोग इस महामारी के शिकार हुए है और इस महामारी से हम साथ मिलकर लड़ेंगे इस लड़ाई में मैं आपके साथ हूँ|यह सुनकर ही मेरा सारा भय बिल्कुल ख़त्म हो गया और आज एक और बात समझ में आई की नारी को शक्ति का रूप क्यूं कहा जाता है इसका जीता जागता सबूत मेरे सामने मेरी पत्नी के रूप में मेरे सामने खड़ा है|

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जैसा की मुझे स्वास्थ्य अधिकारियों से कुछ दवाईयां मिली थी मैंने उसका सेवन बताए अनुसार शुरू किया और अभी मै बिल्कुल ठीक हूँ और खुद को और भी अधिक स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ| इस पूरे संक्रमित कार्यकाल में मेरे पूजनीय माता पिता से मेरी रोज़ाना बात होती थी उनकी दुआ और आशीर्वाद से मुझे बहुत हिम्मत मिली और मेरे समस्त रिश्तेदार, मित्रों एवं मेरे साथ काम करने वाले मेरे सहयोगियों मेरे उच्च अधिकारियो नें भी समय समय पर मुझे सकारात्मक बातें बताई एवं मेरी हिम्मत बढ़ाई यही कारण था जो आज में एक दम स्वस्थ हो चुका हूँ| मेरे स्वस्थ होनें का श्रेय उपरोक्त सभी को जाता है और परवाणू स्वास्थ्य विभाग को भी इसका श्रेय जाता है |

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अंत में मैं अपने वक्तव्य में यही कहना चाहता हूँ की कृप्या सरकार एवं प्रशाशन द्वारा जारी किए गए कानूनों का कड़ाई से पालन करें, घर पर रहें बाहर बिना वजह के न निकलें और यदि किन्ही कारण अगर बाहर जाना भी हो तो कृप्या मास्क का उपयोग करें और कृप्या बिल्कुल भी डरें नहीं और सकारात्मक सोच के साथ कठिनाइयों का सामना करें क्यूंकि यही राम बाण है इस संक्रमण से बचने का ! एक और बात जो में कहना चाहता हूँ यदि आपके परिवार या किसी मित्र व किसी भी व्यक्ति को अगर करोना संक्रमित हो जाता है तो कृप्या उसका साथ दें उसे यह महसूस नां होनें दें कि इस स्थिति में आप उनके साथ नहीं है ! इस घड़ी में आप सभी के सहयोग की करोना संक्रमित व्यक्ति को बहुत ज़रूरत होती है, कृप्या उसकी हिम्मत बढ़ाए और उसे आपके साथ होनें का पूरा एहसास करवाएं !
“कभी कभी जीवन में हार का सामना भी करना पड़ता है !”
“और हार को हराकर जितने वाले को योद्धा कहते हैं…!!” कृप्या योद्धा बनें !
सभी करोना के योद्धाओं का सम्मान करें
“कृप्या सुरक्षित रहें एवं सुरक्षित रखें”

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