Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

कुल्लू प्रकरण : एसपी गौरव सिंह और सीएम के पीएसओ बलवंत सिंह निलंबित

sp-kullu-slapped-cm-security-asp-in-kullu-himachal-pradesh

प्रजासत्ता |
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के सामने भिड़े पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। जांच में मिले आरोपों के चलते सरकार ने एसपी कुल्लू रहे गौरव सिंह और पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) रहे एएसआई बलवंत सिंह को निलंबित कर दिया है। डीजीपी हिमाचल संजय कुंडू ने इस बात की तस्दीक की है| उन्होंने कहा कि गौरव सिंह और बलवंत सिंह को सस्पेंड किया गया है|

थप्पड़ मारने वाले एसपी गौरव सिंह ने बयान में कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की गाड़ियों के काफिले में तय प्रोटोकॉल से इतर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद ने जबरदस्ती तीन अन्य वाहनों को शामिल कर दिया। प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद भी वह उनसे बहस करते रहे और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया।

इसे भी पढ़ें:  हरियाणा के सूरजकुण्ड मेले में पहाड़ी गुच्छी के स्वाद की धमक

इस पर उनका हाथ उठ गया। वहीं, थप्पड़ खाने वाले बृजेश सूद ने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि जब उनकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की सुरक्षा है तो उनके वाहन को मुख्यमंत्री के वाहन से अलग कैसे रखा जा सकता है।

इसी बात पर उन्होंने एसपी से सवाल किया और एसपी ने उन्हें सरेआम थप्पड़ मार दिया। वायरल वीडियो में एसपी को लात मारते दिखने वाले मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह ने कहा है कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने से नाराज थे। बीच बचाव के दौरान उनका पैर शायद एसपी को लग गया। 

फिलहाल सूत्रों का कहना है कि वीडियो साक्ष्य और तीनों के बयानों के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर डीआईजी शुक्रवार को सरकार को सौंप सकते हैं। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि जांच अधिकारी ने बुधवार शाम और गुरुवार सुबह घटनास्थल का स्पॉट विजिट कर साक्ष्य जुटाए हैं। 

इसे भी पढ़ें:  प्रदेश सरकार को बल्क ड्रग पार्क ऊना के लिए मिला 225 करोड़ रुपये का सहायता अनुदान
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल