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ज्योतिषीय विश्लेषण: संदर्भ हिमाचल विधानसभा चुनाव ग्रहों की चाल पड़ रही है भारी : टूट जाएंगी उम्मीदें …लगेगा झटका !

ज्योतिषीय विश्लेषण: संदर्भ हिमाचल विधानसभा चुनाव ग्रहों की चाल पड़ रही है भारी : टूट जाएंगी उम्मीदें ...लगेगा झटका !
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गुरमीत बेदी ।
हिमाचल प्रदेश में चुनावी प्रचार पूरे शबाब पर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। दोनों दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। लेकिन इधर ग्रहों ने भी अपना खेल खेल दिया है। अपना रंग दिखा दिया है। 12 नवंबर को मतदान होना है।

मतदान के दिन देव गुरु बृहस्पति वक्री अवस्था में होंगे जबकि सूर्य अपनी नीच तुला राशि में बुध और केतु के साथ विराजमान होंगे ,जहां त्रिग्रही योग बना होगा। ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह मिथुन राशि में वक्री अवस्था में होंगे और शुक्र ग्रह मंगल की अपनी शत्रु वृश्चिक राशि में भ्रमण कर रहे होंगे। शनि मकर राशि में और राहु मेष राशि में संचार कर रहे होंगे।

भाजपा और कांग्रेस की कोई जन्मकुंडली नहीं है। किस नक्षत्र में किस राजनीतिक दल का जन्म हुआ और किस दल की कुंडली में कौन कौन सा ग्रह कहां बैठा है, इसकी कोई निश्चित और प्रमाणिक कुंडली नहीं बनाई जा सकती और ना ही उपलब्ध है। परंतु ग्रहों की चाल यह बता देती है कि देशकाल पर उनके गोचर का क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

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ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह का उल्टी चाल चलना यानी वक्री अवस्था में होना राजा के लिए शुभ नहीं होता। राजा का सिहासन डोलता है। ज्योतिष में राजा से अभिप्राय शासन करने वाले से होता है। प्रदेश में इस समय भाजपा का शासन है। मंगल और देव गुरु बृहस्पति का उल्टी चाल चलना यह दर्शाता है कि राजा के कई वजीर हारने वाले हैं। यानि कई मंत्री अपने-अपने हल्के में मूर्छित होने वाले हैं।

हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को वोट पड़ने वाले हैं और उस दिन के ग्रहों की स्थिति सत्तारूढ़ दल को झटका देने वाली है। 12 नवंबर से पहले 8 नवंबर को लग रहा चंद्र ग्रहण हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ दल की संभावनाओं को ग्रहण लगा रहा है। कई दिग्गज घर बैठने वाले हैं। 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगा था जिसने दोनों प्रमुख दलों में काफी उथल-पुथल करवाई लेकिन सत्तारूढ़ दल के सबसे ज्यादा बागी प्रत्याशी मैदान में उतर गए। अब 15 दिन के भीतर लग रहा यह दूसरा ग्रहण यह बता रहा है कि सत्ता पलट होने वाला है। सत्तारूढ़ दल के समीकरण बिगड़ने वाले हैं और निश्चित रूप से जब ग्रहों का खेल सत्तारूढ़ दल को झटका दे रहा है तो विपक्षी दल कांग्रेस के हाथों में लड्डू आने वाले हैं। कांग्रेस कितनी सीटें जीतेगी, यह दुनिया का कोई Astrologer नहीं बता सकता.. लेकिन हाथ में लड्डू ठीक ठाक मात्रा में आयेंगे..

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कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की लॉटरी किसकी खुलेगी, इसका ज्योतिषीय विश्लेषण बाद में… क्योंकि कांग्रेस के दिग्गज दावेदारों के ग्रह नक्षत्र देखना पड़ेंगे। अभी सिर्फ दो दिग्गज दावेदार नेताओं की कुंडलियां उपलब्ध हैं.. निश्चित रूप से कोई तीसरा या चौथा दावेदार भी अपना दम दिखाने की कोशिश करेगा। उनके ग्रह नक्षत्र राजयोग बना रहे होंगे या नहीं, अभी से नहीं कहा जा सकता। उनकी कुंडली में दशम भाव के साथ साथ चल रही महादशा और अंतर्दशा का आकलन भी जरूरी हो जाता है।

ग्रह गोचर की स्थिति बता रही है कि प्रदेश में हंग असेंबली की नौबत नहीं आएगी। सत्तारूढ़ दल के सितारे गर्दिश में हैं…

स्क्रीनशॉट लेकर रख लीजिएगा.. 8 दिसंबर को चर्चा करेंगे।

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