Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

मुख्यमंत्री 200 करोड़ की लागत से बने धर्मशाला-मैक्लोडगंज रोपवे का आज करेंगे उद्घाटन

dharamsala-mcleodganj-ropeway-

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज धर्मशाला में 250 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्‍यास करेंगे। मुख्यमंत्री कचहरी में जनसभा को भी संबोधित करेंगे और उसके बाद टांडा मेडिकल कालेज के लिए रवाना होंगे। टांडा में सीटी स्कैन मशीन लोकार्पित करने के बाद वापस धर्मशाला लौटेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रोपवे धर्मशाला को लोकार्पित करने जा रहे हैं। इस परियोजना से धर्मशाला में पर्यटन क्षेत्र में इजाफा होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रोपवे 200 करोड़ रुपये की लागत से बना है।

बता दें कि लंबे समय से लटके इस रोपवे के शुरू हो जाने से पर्यटन नगरी धर्मशाला से मैक्लोडगंज का नौ किलोमीटर का सफर अब पांच मिनट में होगा। जिससे सैलानियों को लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा। कोतवाली से मैक्लोडगंज तक रोपवे से एक तरफ के 340 और अप-डाउन करने के लिए एक व्यक्ति को 500 रुपये चुकाने पड़ेंगे। रोपवे का सफर करने वाले यात्रियों को दोनों टर्मिनल पर खाने-पीने के लिए कैफेटेरिया बनाए गए हैं। पार्किंग की व्यवस्था भी रहेगी।

इसे भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री ने बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का आभार व्यक्त किया

जानकारी के अनुसार इटली की कंपनी का रोपवे एक ट्रॉली में आठ लोगों को धर्मशाला से मैक्लोडगंज पहुंचाएगा। रोपवे में 18 ट्रॉलियां स्थापित की गई हैं। एक घंटे में करीब 800 लोग सफर का आनंद ले सकते हैं। यह रोपवे देश का पहला आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से से लेस है। बिना गियर वाले इस रोपवे का सफर बेहद ही सुरक्षित है। इससे समय के साथ बिजली की भी बचत होगी। रोपवे में सफर करने वाले लोग हर तरफ से धर्मशाला शहर की खूबसूरती को निहार सकेंगे।

बता दें कि धर्मशाला रोपवे का कार्य वर्ष 2017 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2019 तक इसका कार्य पूरा होना प्रस्तावित था, मगर कोरोना महामारी और कई अन्य कारणों के चलते अब इसका कार्य करीब दो साल बाद पूरा हुआ। रोपवे की कुल लंबाई 1751.60 मीटर है, जोकि पहले 2355 मीटर प्रस्तावित थी। अब पर्यटकों को धर्मशाला से मैक्लोडगंज जाने के लिए 1.7 किलोमीटर के सफर की सुविधा मिल जाएगी। इस रोपवे में कुल 10 टावर हैं, जोकी ट्राली और रस्सी को संभाल के रखते हैं।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल में कोरोना से प्रभावित हुआ पर्यटन उद्योग फिर पटरी पर लौटा
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल