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सत्ता भोगने नहीं व्यवस्था परिवर्तन करने आया हूं,पहली कैबिनेट,में घोषणाओं पर लगेगी मुहर :- सीएम सुक्खू

सत्ता भोगने नहीं व्यवस्था परिवर्तन करने आया हूं,पहली कैबिनेट,में घोषणाओं पर लगेगी मुहर :- सीएम सुक्खू

धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस (Himachal Pradesh Cogress) की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) पहली बार धर्मशाला में पहुंचे हैं।

जोरावर स्टेडियम में जन आभार रैली में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक पूरे मंत्रिमंडल के साथ होगी। जल्द मंत्रिमंडल का गठन होगा।

पहली बैठक में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली, महिलाओं को 1500 रुपए महीना और एक लाख नौकरियों के फैसले पर मुहर लगेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक के बाद वे पूरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे।

सीएम ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनितिक रोटियां सेंकने के लिए जयराम सरकार ने नौ महीने में 900 संस्थान खोल दिए। इन संस्थानों के लिए न बजट था और न ही कर्मचारी।

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घोटालों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कोई घोटाले नहीं होंगे। ना ही कोई पेपर लीक होगा। केवल पात्र लोगों को ही नौकरियां मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि मैं सत्ता भोगने नहीं व्यवस्था परिवर्तन करने आया हूं। सुक्खू ने कहा कि कोई SP और DC नहीं बदला है। आप काम करिए हम कोई तबादला नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों के लिए भविष्य में आने वाली कई योजनाओं के बारे में घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनाथ, दिव्यांग व अक्ल नारियों के लिए 100 करोड़ रुपये का सहायता कोष बनाया गया है। उन्होंने कहा जिसका कोई नहीं होगा उसकी सरकार होगी। मुख्यमंत्री ने कहा हम सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन के लिये आये हैं। गरीब बच्चों की पढ़ाई को लेकर उन्होंने कहा कि बेसहारा 6 हजार बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था हिमाचल सरकार करेगी।

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