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सरकार और एसजेवीएन की नाकामी से प्रभावित अनशन पर बैठने को मजबूर

सरकार और एसजेवीएन की नाकामी से प्रभावित अनशन पर बैठने को मजबूर

रामपुर|
एसजेवीएन की 210 मेगावॉट की लूहरी परियोजना स्टेज-1 में बिथल में चल रहे प्रोजेक्ट प्रभावित संघर्ष समिति का क्रमिक अनशन वीरवार को भी जारी रहा। एसजेवीएनएल से प्रभावित पंचायतों के लोगों का कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। जब यह प्रोजेक्ट लग रहा था तो उस समय अलग-अलग पंचायतों में जनसुनवाई हुई तो लोगों के साथ बहुत सारे वादे किए गए थे, लेकिन आज लोगों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है।

बता दें कि बीते कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर 14 पंचायतों के लोग अनशन पर बैठे है। इसमें दत्तनगर, नीरथ, शमाथला, गढ़ेच, देहरा, नित्थर, दुराह, शिल्ही, पलेही, देलठ, बड़ाच, किरटी, भुट्टी और थानाधार पंचायत के प्रभावित लोग शामिल हैं।

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गौरतलब है कि लूहरी परियोजना प्रभावित की मांगों को लेकर बुधवार देर शाम एसडीएम रामपुर, कुमारसैन और निरमंड और परियोजना प्रबंधन के साथ प्रोजेक्ट प्रभावित संघर्ष समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें लुहरी परियोजना प्रबंधन ने 8 अगस्त तक मांगें पूरा करने का आश्वासन दिया है। अगर इसके बाद भी परियोजना ग्रामीणों की मांगों को पूरा नही करता है तो सघर्ष समिति सरकार, प्रशासन और एसजेवीएनएल के खिलाफ 8 अगस्त को बिथल में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इस परियोजना से प्रभावित लोगों का कहना है कि परियोजना के निर्माण से संबंधित पंचायतों के ग्रामीणों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें प्रोजेक्ट की धूल से फसल को नुकसान हुआ है। ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आई हैं, धूल से बकरी व पशु मरे हैं, पेयजल स्रोत सूख चुके हैं। वहीं नरोला गांव मे पत्थर आ रहे हैं, लेकिन आज तक नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है।

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सरकार की नाकामी के कारण परियोजना प्रभावित पंचायतों के लोग अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। उन्होंने ने कहा कि जमीन के मुआवजा देने में भी हेराफेरी की गई है। शिमला जिले में अलग रेट और कुल्लू जिले में अलग रेट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ इन पंचायतों के ग्रामीणों को परियोजना में रोजगार से महरूम रहना पड़ रहा है।

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