साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

हिमाचल की मंडियों से सेब खरीदने के लिए दुसरे राज्य के व्यवसाइयों को लेना पड़ेगा लाइसेंस

सेब बागवानों को पैकेजिंग मैटियरल पर GST में 6 प्रतिशत की छूट, कोटखाई में फिर भी सड़कों पर उतरेंगे बागवान
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

शिमला|
हिमाचल प्रदेश की मंडियों से दूसरे राज्य के कारोबारी अब बिना लाइसेंस सेब नहीं खरीद पाएंगे। सेब व्यवसाइयों को अब कृषि विपणन बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके लाइसेंस लेना होगा। राज्य में पहली बार सेब व्यवसाइयों के लिए लाइसेंस अनिवार्य की जा रही है। एपीएमसी की ओर से ऑनलाइन ही लाइसेंस उपलब्ध करवाया जाएगा। कारोबारी की मदद के लिए मंडियों में हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर के मुताबिक़ सेब कारोबारियों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस के मंडी के ऑक्शन यार्ड में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सेब सीजन के दौरान हर साल आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, बंगलूरू, मध्यप्रदेश, हैदराबाद बिहार, उड़ीसा, कोलकाता, और उत्तर प्रदेश के अलावा बांग्लादेश और नेपाल से हजारो कारोबारी हिमाचल की मंडियों में सेब खरीदने आते हैं।

ऐसी शिकायात है कि हर साल बाहरी राज्यों के कुछ कारोबारी प्रदेश की मंडियों में सेब खरीद कर गायब हो जाते हैं, जिससे बागवानों और आढ़तियों का पैसा डूब जाता है। बागवानों को उपज का पैसा न मिलने की शिकायतों का निपटारा करने के लिए गठित एसआईटी को अब तक 1,500 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं, इनमें 150 से अधिक मामलों में एफआईआर भी दर्ज हुई हैं।

इसे भी पढ़ें:  अमित शाह ने लॉन्च किया बीजेपी का चुनाव प्रचार गीत, जनसभा में बोले- कांग्रेस का काम लोगों के बीच झगड़ा करवाना

Join WhatsApp

Join Now