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हिमाचल प्रदेश सतर्कता ब्यूरो को विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन में मिलीं अनियमितताएं

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारी चयन आयोग निलंबित,लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर अगले आदेश तक रोक

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) के पेपर लीक मामले की जांच कर रहे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कनिष्ठ सिविल इंजीनियरों और कनिष्ठ कार्यालय सहायकों की भर्ती के लिए आयोजित दो और परीक्षाओं में गड़बड़ी पाई है।अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एसआईटी ने इन दोनों परीक्षाओं में धांधली की पुष्टि की और कहा कि नए निष्कर्षों के बाद एक अलग प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

सतर्कता ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि अब तक पांच अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के संचालन में अनियमितताओं को लेकर चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन परीक्षाओं में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए), कंप्यूटर ऑपरेटर, अंकेक्षक और कला शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं।

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सतर्कता ब्यूरो ने पेपर लीक मामले में एचपीएसएससी की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद और 13 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आयोग ने मुख्य आरोपी आजाद को पिछले साल 23 दिसंबर को जेओए (आईटी) परीक्षा का हल किया गया प्रश्न पत्र, ढाई लाख रुपये की नकदी और लैपटॉप व अन्य दस्तावेजों के साथ रंगे हाथ पकड़ा था।

डीआईजी (सतर्कता) जी शिव कुमार ने कहा कि इन सभी मामलों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्यूरो के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रश्न पत्र लीक प्रकरण के बाद एचपीएसएससी के कामकाज को निलंबित कर दिया था और सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।
ख़बर माध्यम भाषा

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