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हिमाचल वासियों सावधान! कोरोना महामारी की आपदा को अवसर बनाने में लगे साइबर अपराधी, एडवाइजरी जारी

हिमाचल वासियों सावधान! कोरोना महामारी की आपदा को अवसर बनाने में लगे साइबर अपराधी, एडवाइजरी जारी
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प्रजासत्ता|
देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से लोग घबराए हुए हैं। ऐसे समय में भी साइबर अपराधी लोगों को इलाज के नाम पर ठगने से बाज नहीं आ रहे हैं। कोरोना आपदा में भी अवसर तलाशने के लिए साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। वैक्सीन के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन, आक्सीजन, बेड दिलाने और दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए कई लोगों के पास फोन व मैसेज आ रहे हैं। जिसमें एक लिंक भेज कर रजिस्ट्रेशन कराने व ओटीपी बताने को कहा जा रहा है। जिसके बाद कई लोग बड़ी ठग्गी का शिकार हो आ रहे हैं|

बता दें कि ऐसे मामले सामने आने के बाद स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर राठौर ने बताया कि वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोगों को जो मुश्किल आ रही है, उसका फायदा साइबर अपराधी उठाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।

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आनलाइन फ्राड करने वाले साइबर अपराधी हर समय अपने शिकार की तलाश करते रहते हैं। उनके लिए गरीब, बीमार या परेशान व्यक्ति के दुख से कोई सरोकार नहीं है, केवल उनकी मजबूरी व लापरवाही का लाभ उठाकर लाखों रुपये का चूना लगा देते हैं। कोरोना आपदा भी इन साइबर अपराधियों के लिए सुनहरे मौके के रूप में आया है, इस आपदा में भी वे अवसर तलाश रहे हैं|साइबर क्राइम एक्सपर्ट भी इनसे सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।

लोगों को ऐसे शिकार बना रहे जालसाज
ठग गूगल पर अस्पतालों का फर्जी नंबर डालते हैं और फिर कर्मचारी बनकर ठगी का खेल खेलते हैं। लोगों से एडवांस पेमेंट लेते हैं। फर्जी बेवसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, सोशल मीडिया अकाउंट और ई-मेल बना रहे हैं, जिससे ये मेडिकल उत्पादों को बचने का दावा करते हैं। ठगों की तरफ से बैंक और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कराया जाता है। स्वास्थ्य अधिकारी बनकर भी ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। 

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जालसाजों से ऐसे बचें
एडवाइजरी में कहा गया है कि संदिग्ध ई-मेल, सोशल मेसेजिंग ऐप्स, गूगल आदि पर किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। सोशल साइट्स से अस्पताल, मेडिकल व अन्य जरूरी सुविधा का नंबर लेते समय विशेष सावधानी बरतें। असत्यापित वेबसाइट से मिले कस्टमर केयर व पर्सनल नंबर का प्रयोग न करें। किसी की सत्यता की जांच के बिना एडवांस पेमेंट करने से बचें। पैसे दान करने से पहले चैरिटी फंड की शाखा के बारे में जांच करें। 

इन बातों का रखें ध्यान
वीडियो कॉल आए तो अपना कैमरा ऑन न करें। 
व्हाट्सएप प्राइवेसी में अपना अकाउंट सिर्फ कॉन्टेक्ट करके रखें। 
फेसबुक या अन्य सोशल साइटों पर आने वाले लाइव चैट के विज्ञापन से बचकर रहें। 
वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाए तो पुलिस की सहायता लें।

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