ATS Centers in Himachal: हिमाचल प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के सात विभिन्न स्थानों पर ‘स्वचालित परीक्षण केंद्र’ (ATS) स्थापित करने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया द्वारा नियम-62 के तहत उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इन सात केंद्रों में से कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, नालागढ़ और पावंटा साहिब में निजी क्षेत्र के सहयोग से एटीएस स्थापित किए जाएंगे। वहीं, हरोली और नादौन में सरकारी एटीएस संचालित होंगे। इन केंद्रों की स्थापना से वाहन परीक्षण की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जहां मात्र 5 से 10 मिनट में फिटनेस जांच पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही वाहन स्वामियों के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
विधानसभा में चर्चा के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वर्तमान में जिला कांगड़ा जैसे बड़े क्षेत्रों में केवल एक एटीएस होने के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों की लंबी कतारों के कारण न केवल जनता का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में गाड़ियों की पासिंग अनिवार्य रूप से इसी माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के इन प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी जारी की है।
वहीं, वाहन पंजीकरण के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में वाहनों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 1990-91 में जहां पंजीकृत वाहनों की संख्या केवल 67,103 थी, वहीं वर्तमान में यह आंकड़ा बढ़कर 24,82,038 हो गया है। इसमें 21,83,860 निजी और 2,98,178 वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं।
हालांकि सड़क सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेश में हुई 1,923 दुर्घटनाओं (जिनमें 789 मौतें हुईं) का एक मुख्य कारण अनफिट वाहन हैं। एटीएस की स्थापना के लिए केंद्र से अब तक 6.75 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं और भविष्य में 27.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने की संभावना है।



















