Himachal Taxi Operators: हिमाचल प्रदेश के टैक्सी चलाने वाले लोगों के लिए बड़ी अच्छी खबर आई है। केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की समय सीमा बढ़ा दी है। अब परमिट 15 साल तक वैध रहेगा। पहले यह सिर्फ 12 साल का होता था। बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को इस फैसले की अधिसूचना जारी की।
सरकार ने कहा है कि इस बदलाव पर लोगों से 30 दिनों के अंदर सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही हैं। एक अप्रैल से यह नया नियम लागू हो जाएगा। केंद्र ने हिमाचल सरकार को भी इसकी जानकारी दे दी है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 70 हजार टैक्सी ऑपरेटर हैं। इनमें से बहुत से लोग पिछले छह महीनों से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिलकर अपनी परेशानी बता रहे थे। वे परमिट की वैधता बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और टैक्सी ऑपरेटरों की मुश्किलें बताईं। गडकरी ने उन्हें जल्दी इस समस्या का समाधान करने का वादा किया था। अब यह वादा पूरा हो गया है। इस फैसले से टैक्सी ऑपरेटरों को बहुत फायदा होगा। उन्हें बार-बार परमिट नवीनीकरण की झंझट से छुटकारा मिलेगा। साथ ही आर्थिक बोझ भी कम होगा।

गौरतलब है कि हिमाचल के परिवहन विभाग में कुल 24 लाख 48 हजार से ज्यादा वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें से करीब 70 हजार टैक्सियां हैं। कई टैक्सी की कीमत 20 से 30 लाख रुपये तक होती है। ज्यादातर ऑपरेटर बैंक से लोन लेकर गाड़ी खरीदते हैं। वे 8 से 10 साल में लोन चुकाते हैं। जैसे ही गाड़ी अच्छी कमाई करने लगती है, पुराना परमिट खत्म हो जाता था। अब परमिट 15 साल तक चलेगा, तो ऑपरेटरों को लंबे समय तक बिना चिंता के काम करने का मौका मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों टैक्सी ऑपरेटरों को सीधा लाभ होगा। यह मांग उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने उठाई थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। हिमाचल के टैक्सी वाले अब खुशी मना रहे हैं और इस बदलाव का स्वागत कर रहे हैं।
















