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Himachal: सीएम सुक्खू बोले – 250 करोड़ रूपए से डबल लेन होगी छैला-कुमारहट्टी सड़क..!

Published on: 4 January 2025
Himachal: सीएम सुक्खू बोले - 250 करोड़ रूपए से डबल लेन होगी छैला-कुमारहट्टी सड़क..!

Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिला के कोटखाई सीएचसी का दर्जा बढ़ाकर नागरिक अस्पताल करने की घोषणा की है। उन्होंने कोटखाई में सब-जज कोर्ट, उप-मंडलीय पशु चिकित्सा अस्पताल, अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी संस्थान प्रगतिनगर में सिविल व मेकेनिकल इंजीनियंरिंग कोर्स शुरू करने के साथ-साथ आईटीआई प्रगतिनगर में डिप्लोमा इन कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग तथा सोलर टेक्नीशियन के नए ट्रेड शुरू करने की घोषणा की।

उन्होंने खलटू नाले तथा चमशु नाले पर पुल निर्माण के लिए पांच-पांच करोड़ रुपए तथा टिक्कर बस स्टैंड के लिए तीन करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ रुपए की लागत से छैला-ओच्छघाट-कुमारहट्टी सड़क को डबल लेन किया जाएगा। उन्होंने इस सड़क की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री आज जिला शिमला के कोटखाई में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान राज्य सरकार ने किसी भी बागवान के सेब व अन्य उत्पाद सड़ने नहीं दिये और समय पर मंडी तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान 22 हजार परिवार प्रभावित हुए लेकिन राज्य सरकार ने हौंसले के साथ इसका सामना किया।

केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावितों के लिए न तो विशेष पैकेज दिया और आज तक पीडीएनए के 9000 करोड़ रुपए भी जारी नहीं किए। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज दिया। राज्य सरकार ने आपदा के दौरान जुब्बल-कोटखाई की सड़कों को खोलने के लिए 28 करोड़ रुपए प्रदान किए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से कहा कि बागवानों की हर संभव सहायता कीजिए और धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। एक भी बागवान अपनी फसल खेत में सड़ने की शिकायत लेकर नहीं आया।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में 170 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, 60 करोड़ रुपए नाबार्ड तथा राज्य सरकार के फंड से 16 करोड़ रुपए सड़कों पर खर्च किए हैं। दो वर्ष में कुल 286 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और आने वाले समय में विकास के लिए और धन व्यय किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना की 163 करोड़ रुपए की देनदारियां क्लीयर की। छोटे सेब बागवानों की मदद करने के लिए हमने इस वर्ष यूनिवर्सल कार्टन लागू किया। अगले वर्ष से यूनिवर्सल कार्टन पर वजन भी लिखा जाएगा। पराला मंडी का निर्माण कार्य पूरा किया और 100 करोड़ की लागत से फल प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया। उन्होंने कहा कि सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक डेढ़ रुपए बढ़ाकर 12 रुपए प्रति किलो किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में बागवानी क्षेत्र में और सुधार करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है, जबकि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में बिना किसी बजट प्रावधान के 900 संस्थान खोल दिए। उन्होंने कहा, ”मैं भी एक हजार संस्थान खोलने की नोटिफिकेशन कर सकता हूं, लेकिन लोगों को गुणात्मक सेवाएं नहीं मिले तो यह प्रदेश की जनता के साथ धोखा होगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा और केंद्र सरकार के सर्वे में भी इस बात का प्रमाण मिलता है। उन्होंने कहा कि 3000 शिक्षकों की भर्ती बैचवाइज आधार पर की गई है और 3000 अध्यापकों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंंग स्कूल खोल रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी कई बदलाव करने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने आईजीएमसी शिमला, टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में थ्री टेस्ला एमआरआई के लिए 85 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

राज्य सरकार द्वारा 1500 करोड़ रुपए प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मशीनें लगाने पर खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं सही न होने के कारण 9.5 लाख लोग ईलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाते हैं, जिससे 1350 करोड़ जीडीपी का नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली पर 2200 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है। हमने फैसला किया कि आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों को सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और गरीब परिवारों की भरपूर मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संपदा पर हर वर्ग का अधिकार है।

प्रदेश के छह हजार अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया गया है। 27 वर्ष की आयु तक विधवाओं के 23 हजार बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने के लिए मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा गाय के दूध को 45 रुपये प्रति लीटर जबकि भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। इसके अतिरिक्त मनरेगा की दिहाड़ी को बढ़ाकर 300 रुपए किया गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं और धरातल पर काम करने का विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर जरा भी ध्यान नहीं दिया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर गिरा लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार ला रहे हैं। 45 विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में छह-छह स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैनात किए गए हैं और बाकी विधानसभा क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाने के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं, ताकि लोगों को राज्य के भीतर ही बेहतर सेवाएं मिल सकें।

डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए सोलन जिला के कंडाघाट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने जा रही है। इसके अतिरिक्त पहली बार अनाथ बच्चों को राज्य सरकार ने गोवा भ्रमण के लिए भेजा गया है, जो मुख्यमंत्री की गरीबों के प्रति सकारात्मक सोच का प्रतीक है। अनाथ बच्चों के लिए राज्य सरकार जिला कांगड़ा के लुथान में मुख्यमंत्री सुखाश्रय परिसर का निर्माण कर रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्यमंत्री का जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र में आने पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका इस विधानसभा क्षेत्र के साथ भावनात्मक लगाव है तथा वह इस क्षेत्र के विकास कार्यों में विशेष रूचि लेते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दो करोड़ रुपए मिनी सचिवालय के लिए उपलब्ध करवाए हैं, जिसके बाद इसका निर्माण कार्य पूरा किया गया है।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री ने दिन-रात निरंतर कार्य किया और 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज जारी किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने धनबल के सहारे चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया लेकिन जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री इस अग्निपरीक्षा में पास हुए और कांग्रेस के विधायकों की संख्या एक बार फिर 40 हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा का जुब्बल-कोटखाई के साथ लगाव केवल चुनावों के समय ही दिखता है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार मुख्यमंत्री का एजेंडा है तथा अन्य विभागों में भी अनेक सुधार लाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पर्याप्त धन, सड़कों में सुधार, पेयजल और बिजली आपूर्ति में सुधार के साथ-साथ नए संस्थान भी खोले गए हैं, जिससे लोगों को लाभ मिल रहा है। वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था में सुधार आया है।

इससे पूर्व, कोटखाई पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें खुली जीप में बिठाकर कोटखाई सभा स्थल पर लाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, ओएसडी रितेश कपरेट व सौरभ चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप, प्रबन्ध निदेशक एचपीएमसी सुदेश कुमार मोख्टा, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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