Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

हिमाचल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं ₹307 करोड़, कहीं इस लिस्ट में आपका या आपके परिवार का खाता तो नहीं?

HP News: हिमाचल प्रदेश के बैंकों में 307 करोड़ रुपये से अधिक की अनक्लेम्ड राशि पड़ी है। छह महीने के विशेष अभियान के बाद भी लाखों परिवारों को अपनी जमा पूंजी की जानकारी नहीं मिल सकी है और वास्तविक हकदार सामने नहीं आए हैं।
Published on: 4 July 2026
Himachal Banks Unclaimed Deposits: हिमाचल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं ₹307 करोड़, कहीं इस लिस्ट में आपका या आपके परिवार का खाता तो नहीं?

Himachal Banks Unclaimed Deposits: हिमाचल प्रदेश के बैंकों में जमा 307 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी राशि छह महीने तक चले विशेष अभियान के बाद भी अपने असली हकदारों तक नहीं पहुंच सकी है। प्रदेश में करोड़ों रुपये की यह भारी-भरकम राशि ऐसे बैंक खातों में पड़ी है, जिनके मालिकों को खुद अपनी जमा पूंजी का बिल्कुल पता नहीं है।

स्थिति यह है कि राज्य के लाखों परिवार अपनी इस बैंक जमा राशि से पूरी तरह अनजान हैं और बैंकिंग तंत्र भी वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच बनाने में सफल नहीं हो पा रहा है। वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक  के संयुक्त प्रयासों के बावजूद हिमाचल प्रदेश में 10.67 लाख से अधिक निष्क्रिय और अनक्लेम्ड बैंक खातों के वास्तविक मालिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के आंकड़े बताते हैं कि 31 अगस्त 2025 तक प्रदेश के विभिन्न बैंकों में कुल 10,77,428 अनक्लेम्ड खाते दर्ज थे, जिनमें 333.63 करोड़ रुपये जमा थे।खाताधारकों और उनके उत्तराधिकारियों की तलाश के लिए प्रशासन द्वारा 1 अक्तूबर 2025 से एक विशेष अभियान शुरू किया गया था।

इस सघन अभियान के छह महीने बीत जाने के बाद भी जमीनी तस्वीर में बहुत अधिक बदलाव नहीं आया है। 31 मार्च 2026 तक पूरे राज्य में केवल 10,082 खातों के दावों का ही निपटारा हो सका, जिसके तहत 26.49 करोड़ रुपये वास्तविक दावेदारों को लौटाए गए। इस प्रक्रिया के बाद भी कुल राशि का एक बहुत बड़ा हिस्सा, यानी 307 करोड़ रुपये अब भी बैंकों में ही फंसा हुआ है।

यह गंभीर स्थिति न केवल मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था बल्कि वित्तीय जागरूकता और उत्तराधिकार प्रबंधन पर भी बड़े सवाल खड़े कर रही है। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे खाते लंबे समय से पूरी तरह निष्क्रिय पड़े हैं। कई खाताधारकों के पुराने पते बदल चुके हैं, जबकि कुछ खाताधारकों की मृत्यु हो चुकी है और उनके परिवारों को इन खातों या सावधि जमाओं (FD) की कोई जानकारी ही नहीं है। यही मुख्य वजह है कि व्यापक अभियान के बावजूद अनक्लेम्ड राशि का बड़ा हिस्सा अभी भी बैंकों में अटका हुआ है।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक पैसा आम लोगों के रिटेल खातों में फंसा हुआ है। प्रदेश के 10.50 लाख रिटेल खातों में कुल 292.35 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके विपरीत, संस्थागत खातों में 23.71 करोड़ रुपये और केंद्र व राज्य सरकार से जुड़े खातों में 17.57 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड पड़े हैं। विशेष अभियान के दौरान भी सबसे अधिक राहत रिटेल खातों को मिली, जिनमें 13.89 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया गया।

इस गतिरोध को देखते हुए वित्तीय सेवा विभाग ने सभी बैंक शाखाओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे खातों की पहचान कर खाताधारकों या उनके कानूनी उत्तराधिकारियों से सीधे संपर्क स्थापित करें। विभाग ने जनता को सूचित किया है कि जिन लोगों के परिवार के किसी सदस्य के पुराने बैंक खाते, सावधि जमा (एफडी) या निष्क्रिय खाते हैं, वे संबंधित बैंक शाखा अथवा आरबीआई के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी प्राप्त कर अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

जिलेवार स्थिति (31 अगस्त 2025 तक के आंकड़े):

  1. कांगड़ा: 2,25,602 खाते (74.49 करोड़ रुपये)
  2. शिमला: 1,35,398 खाते (58.08 करोड़ रुपये)
  3. सोलन: 1,41,154 खाते (42.08 करोड़ रुपये)
  4. मंडी: 1,38,176 खाते (31.87 करोड़ रुपये)
  5. ऊना: 93,814 खाते (25.98 करोड़ रुपये)
  6. हमीरपुर: 82,368 खाते (21.08 करोड़ रुपये)
  7. कुल्लू: 90,523 खाते (20.78 करोड़ रुपये)
  8. सिरमौर: 59,753 खाते (19.83 करोड़ रुपये)
  9. चंबा: 43,692 खाते (15.19 करोड़ रुपये)
  10. बिलासपुर: 46,784 खाते (14.02 करोड़ रुपये)
  11. किन्नौर: 13,355 खाते (5.33 करोड़ रुपये)
  12. लाहौल-स्पीति: 6,809 खाते (4.90 करोड़ रुपये)
Bank Re KYCFinance Ministry NewsHimachal Pradesh BanksRBI PortalUnclaimed Deposits

Join WhatsApp

Join Now