Himachal CM News: हिमाचल के लिए रैवन्यू डिफेसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद होने से हिमाचल का सियासी पारा गरमाने लगा है। जहाँ नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल के लिए रैवन्यू डिफेसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद होने का ठीकरा प्रदेश की सुक्खू सरकार पर फोड़ा है। उधर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को एक बड़ी और अहम पहल की घोषणा करते हुए राजनीतिक परंपराओं को तोड़ने की इच्छा जताई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और राजस्व घाटा अनुदान बहाली के लिए वह किसी भी प्रोटोकॉल को लांघने को तैयार हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री सुक्खू ने झंडूता विधानसभा क्षेत्र के बरठीं में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता जयराम ठाकुर के लिए एक खुला प्रस्ताव रखा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अगर प्रदेश को केंद्र सरकार से उसके हक का पैसा मिल सके, तो वह इसके लिए जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भी प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली जाने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “नियमों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही पक्ष-विपक्ष के विधायक प्रधानमंत्री से मिलते हैं। लेकिन मैं इस परंपरा को छोड़ने को तैयार हूं।”
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को खुला प्रस्ताव देते हुए कहा कि “भाजपा नेता जयराम ठाकुर आगे चलें, मैं उनके पीछे चलने को तैयार हूं। बस वह केंद्र से हिमाचल के हक के 10 हजार करोड़ रुपये दिलवा दें।” इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ फरवरी की कैबिनेट बैठक से पहले वह स्वयं भाजपा के सभी विधायकों को फोन करेंगे। वह विपक्ष के विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर केंद्र के समक्ष प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने के लिए रणनीति पर चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रयास का श्रेय चाहे जयराम ठाकुर लें या भाजपा का कोई अन्य नेता, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। उनके लिए प्रदेश का हित और विकास ही सर्वोपरि है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूर्व मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर और सभी भाजपा नेताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट हों और केंद्र के पास हिमाचल की आवाज बनें, क्योंकि यह हिमाचल के हक की लड़ाई है।















