Himachal News: हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग ने राज्य के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है। सभी अधिकारियों को अपनी अचल संपत्ति का पूरा विवरण (IPR) ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह विवरण 2025 का है और इसे 1 जनवरी 2026 की स्थिति के हिसाब से भरना होगा। आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 रखी गई है।
विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि 31 जनवरी के बाद ऑनलाइन सिस्टम अपने आप बंद हो जाएगा और कोई छूट नहीं मिलेगी। यह आदेश केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के 23 दिसंबर 2025 के निर्देशों के मुताबिक जारी किए गए हैं। समय पर IPR जमा न करने वाले अधिकारियों की अगली वेतन मैट्रिक्स में नियुक्ति और सालाना वेतनवृद्धि रोक दी जा सकती है।
संपत्ति की जानकारी अब सिर्फ ऑनलाइन ही दी जाएगी। इसके लिए SPARROW पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा और हार्ड कॉपी भेजने की कोई जरूरत नहीं है। विभाग ने नोटिस में खास तौर पर चेताया है कि कई अधिकारी विवरण भर तो लेते हैं, लेकिन अंत में ई-साइन करना भूल जाते हैं, जिससे IPR अधूरी रह जाती है। इसलिए पूरी प्रक्रिया सावधानी से पूरी करने को कहा गया है।
नए नियुक्त IAS अधिकारियों और प्रोबेशनरों के लिए भी यही नियम लागू हैं। उन्हें अपना SPARROW अकाउंट समय रहते सक्रिय करवाना होगा ताकि तय तारीख तक विवरण जमा कर सकें। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभाग प्रमुखों से सख्ती से कहा है कि उनके अधीन काम करने वाले सभी IAS अधिकारी निर्धारित समय में IPR जरूर जमा करें।
















