Himachal Panchayat Election: हिमाचल प्रदेश में सत्ता की सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई, पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन बैठक की। इस बैठक में जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए।
तीन चरणों में होगा मतदान, बैलेट बॉक्स पहुंचे
आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। चुनावी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी जिलों में बैलेट बॉक्स पहुंचा दिए गए हैं। आयोग इस बार किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में चुनावी तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण करें।
सुरक्षा में 15 हजार पुलिस जवान तैनात
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल पुलिस के करीब 15,000 कर्मियों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा, राज्य भर में संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों (बूथों) की पहचान कर ली गई है। इन केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। चुनावी मशीनरी को सक्रिय करने के लिए लगभग 50,000 सरकारी कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे, जिन्हें जल्द ही चुनावी ड्यूटी से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
खर्च की सीमा तय, उल्लंघन पर जीत होगी रद्द
इस बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए आयोग ने कड़े नियम बनाए हैं। जिला परिषद सदस्यों और नगर निगम पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा निर्धारित की गई है। प्रत्याशियों को अपने दैनिक खर्च, जिसमें पोस्टर, प्रचार सामग्री और जनसभाओं का विवरण शामिल है, उसका लेखा-जोखा नियमित रूप से आयोग को देना होगा। यदि कोई उम्मीदवार खर्च की गलत जानकारी देता है या धन का दुरुपयोग करता पाया जाता है, तो जीतने के बाद भी उसका निर्वाचन रद्द किया जा सकता है।
शिकायतों के लिए 24 घंटे खुलेगा ‘कम्प्लेंट सैल’
आम जनता और उम्मीदवारों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में 24 घंटे संचालित होने वाले ‘कम्प्लेंट सैल’ स्थापित किए जाएंगे। यहां चुनाव से संबंधित किसी भी अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। साथ ही, मीडिया को सटीक और समय पर जानकारी देने के लिए अलग से ‘मीडिया सैल’ का गठन किया जाएगा, जो चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हर अपडेट को साझा करेंगे।
बता दें कि राज्य की 3753 पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला परिषदों और 53 नगर निकायों में होने वाले इन चुनावों के लिए अगले कुछ दिनों में कभी भी चुनाव आचार संहिता लागू की जा सकती है।
















