Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब सिर्फ अपने दोस्तों और चहेतों की सरकार बनकर रह गई है और प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से उसे कोई सरोकार नहीं है।
जयराम ठाकुर के मुताबिक, पढ़ा-लिखा युवा सड़कों पर भटकने को मजबूर है, जबकि मुख्यमंत्री अपने रिटायर्ड दोस्तों पर ही सारी कृपा बरसा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कार्यकाल के चौथे साल में 530 पटवारी पदों का विज्ञापन जारी किया गया। इस विज्ञापन से लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं से परीक्षा शुल्क के नाम पर 12 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूल लिए गए।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक लिखित परीक्षा भी नहीं हुई और सरकार बैकडोर से अपने पसंदीदा रिटायर्ड कर्मचारियों को इसी पद पर फिर से नियुक्त करने का सिलसिला शुरू कर चुकी है। जयराम ने सवाल उठाया कि अगर सरकार को सिर्फ अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाना है तो फिर परीक्षा का यह नाटक क्यों किया जा रहा है?
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री शगुन योजना की भी आलोचना की। उनका कहना है कि बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करने वाली यह योजना अब उपेक्षा और खराब प्रबंधन की शिकार हो गई है। सिरमौर जिले में ताजा मामला सामने आया है जहां 193 लाभार्थियों के करीब 60 लाख रुपये ट्रेजरी में अटके पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की गारंटी सिर्फ झूठी घोषणा साबित हुई है और बिना एक पैसा दिए मुख्यमंत्री देश भर में घूम-घूमकर यह दावा कर रहे हैं। साथ ही, पहले उनकी सरकार में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदेश की बेटियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, वह सुविधा भी मौजूदा सरकार ने खत्म कर दी है।
















