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Himachal News: अमेरिकी हिरासत में फंसे हिमाचल के रक्षित, शादी का सपना टूटने की कगार पर, परिवार ने PM Modi से लगाई गुहार

Published on: 13 January 2026
Himachal News: अमेरिकी हिरासत में फंसे हिमाचल के रक्षित, शादी का सपना टूटने की कगार पर, परिवार ने PM Modi से लगाई गुहार

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले मर्चेंट नेवी अधिकारी रक्षित चौहान पिछले एक सप्ताह से अमेरिकी सेना की हिरासत में हैं। रक्षित उस तेल टैंकर पर तैनात थे, जिसे 7 जनवरी को समुद्र में लंबे पीछा करने के बाद अमेरिकी सेना ने रोक लिया। टैंकर पर रूसी झंडा लगा हुआ था और इसका नाम ‘मारिनेरा’ (बेला-1) बताया गया है।

रक्षित की 19 फरवरी को शादी तय है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अब परिवार की सारी खुशियां चिंता में बदल गई हैं। परिजन हर दिन उनके सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। इसी वजह से परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है।

रक्षित की मां रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हाथ जोड़कर अपील की है कि उनके बेटे को जल्द भारत वापस लाया जाए। उनका कहना है कि उनका बेटा पहली बार समुद्र यात्रा पर गया था और अब शादी से पहले उसकी सुरक्षित वापसी ही उनकी सबसे बड़ी इच्छा है।

26 साल के रक्षित चौहान ने 1 अगस्त 2025 को मर्चेंट नेवी जॉइन की थी। यह उनका पहला समुद्री असाइनमेंट था। वे वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर रूस जा रहे टैंकर पर तैनात थे। इसी दौरान अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई के तहत इस जहाज को बीच रास्ते में रोक लिया।

7 जनवरी को रक्षित की अपने पिता रणजीत सिंह से आखिरी बार बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे ठीक हैं, लेकिन हालात के कारण कंपनी ने उन्हें वापस लौटने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि आगे संपर्क करना मुश्किल हो सकता है।

इस टैंकर पर रक्षित के अलावा दो और भारतीय भी फंसे हैं, जिनमें एक गोवा और एक केरल से है। चालक दल में कुल 3 भारतीय, 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 2 रूसी नागरिक शामिल हैं।

मामले में राजनीतिक स्तर पर भी पहल शुरू हो गई है। पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने रक्षित के परिवार से मुलाकात की और जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के माध्यम से यह मामला केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय तक मजबूती से उठाया जाएगा।

अब रक्षित और उनके साथ फंसे अन्य भारतीयों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी है। परिवार बस यही चाहता है कि शादी से पहले उनका बेटा सही-सलामत घर लौट आए।

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