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HRTC Route Surrender Controversy: HRTC ने छोड़े 422 स्टेज कैरिज रूट, भाजपा प्रवक्ता अजय राणा का कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला

HRTC Route Surrender Controversy: HRTC ने छोड़े 422 स्टेज कैरिज रूट, भाजपा प्रवक्ता अजय राणा का कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला
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HRTC Route Surrender Controversy: भाजपा प्रवक्ता अजय राणा ने कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने प्रदेश भर में 422 स्टेज कैरिज रूटों को छोड़ने का फैसला किया है। इससे स्पष्ट है कि अब इन रूटों पर निजी बस ऑपरेटरों का कब्जा होगा।

एचआरटीसी द्वारा इन रूटों को सरेंडर करने के बाद परिवहन विभाग इन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने की तैयारी में है, और इसके लिए सरकार ने प्रकाशन की मंजूरी भी दे दी है। हालांकि, इन रूटों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निजी बस ऑपरेटरों ने आपत्तियां जता दी हैं।

निजी ऑपरेटरों का कहना है कि एचआरटीसी के घाटे में चल रहे रूट परमिटों को निजी क्षेत्र में देना बेरोजगार युवाओं के साथ मजाक है। जिन रूटों पर निगम बिना किस्त और बिना टैक्स के भी मुनाफा नहीं कमा सका, उन्हें निजी क्षेत्र में देकर बेरोजगारों को कर्ज के बोझ तले दबाने की साजिश की जा रही है। ये रूट या तो पहले से ही घाटे में हैं या उनके परमिट निगम के पास उपलब्ध ही नहीं हैं।

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अजय राणा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार केवल छल और झूठ की नीति पर चल रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने युवाओं, महिलाओं और बागवानों को रोजगार और समृद्धि के सपने दिखाए, लेकिन अब उन्हें भूल गई है। जो रूट जनसेवा के लिए बने थे, न कि मुनाफे के लिए, उन्हें निजी हाथों में सौंपकर सरकार युवाओं का क्या भला कर रही है?”

राणा ने आगे कहा कि एचआरटीसी का मूल उद्देश्य “जनसेवा” था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे महज एक सपना बना दिया है। सरकार की नीतियां जनता को परेशान करने वाली हैं, और हर दिन ऐसे फैसले सामने आते हैं जो लोगों का जीना मुश्किल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केवल अपने फायदे के लिए काम करती है और भोली-भाली जनता को ठगने में लगी है।

एचआरटीसी के इस फैसले से युवा, महिला और बुजुर्ग वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। राणा ने मांग की कि सरकार इन रूटों को निजीकरण करने के बजाय जनसेवा को प्राथमिकता दे और युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर पैदा करे।

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