Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Himachal News: व्यवस्था परिवर्तन के नारेबाजों ने उड़ाई संवैधानिक व्यवस्था की धज्जियां, पंचायत चुनाव रोकना षड्यंत्र : जयराम ठाकुर

Himachal News: व्यवस्था परिवर्तन के नारेबाजों ने उड़ाई संवैधानिक व्यवस्था की धज्जियां, पंचायत चुनाव रोकना षड्यंत्र : जयराम ठाकुर

Himachal News: हिमाचल  विधानसभा  सत्र के प्रथम दिन के समापन के बादs पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर संवैधानिक व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पंचायत के चुनाव स्थगित करने के लिए ऐसे तर्क दिए जा रहे हैं जिनका कोई औचित्य नहीं है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में 5 महीने बाद भी सरकार द्वारा डैमेज रिपोर्ट भी पूरी नहीं हो पाई है। राहत देने का काम भी अभी शुरू नहीं हो पाया है।

जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि सब कुछ तहस नहस हो गया है और लोक निर्माण मंत्री रहते हैं कि 10 से 15 सड़कें ही बंद है। आपदा प्रबंधन कानून लागू है और सरकार अपने 3 साल के कार्यकाल पूरा होने का जश्न मना रही है। 20हजार की भीड़ इकट्ठा करने का लक्ष्य रख रही है। आज काम रोको प्रस्ताव के तहत पंचायत चुनाव पर चर्चा हो रही है और मुख्यमंत्री सदन में नहीं है। उन्हें ही जबाव देना है लेकिन वह सदन के बजाय न जाने कहां हैं। यह सरकार पूरी तरीके से डीरेल हो गई है। विजन से कोसो दूर है। प्रदेश के हितों को पूरी तरीके से ताक पर रखकर काम कर रही है।

इसे भी पढ़ें:  Big Breaking! हिमाचल CM सुखविंदर सुक्खू का इस्तीफा

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव टालने के लिए आपदा का सहारा ले रही है जबकि आपदा प्रभावितों के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। पंचायत चुनाव को टालने का प्रयास भी संविधान के खिलाफ है। लेकिन सरकार की मंशा पंचायत चुनाव को लेकर पहले से ही स्पष्ट थी। किसके कारण हुआ राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनाव से जुड़ी तैयारियों में किसी न किसी तरह अड़ंगा लगाती रही।

जब से राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव से जुड़े कदम उठा रहा है तो सरकार नियम विरुद्ध जाकर निर्वाचन आयोग के कार्य में हस्तक्षेप कर रही है। निर्वाचन आयोग ने जब आरक्षण रोस्टर तैयार करने के लिए कहा तो सरकार ने रोस्टर निर्धारण पर रोक लगा दी। जब पंचायत पुनर्सीमांकन और चुनाव की तैयारियों को अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए तो भी सरकार ने आपदा के नाम पर अड़ंगा लगाया।

इसे भी पढ़ें:  विजिलेंस जांच में खुलासा: हिमाचल में ड्राइंग मास्टर की भर्ती में भी हुआ फर्जीवाड़ा

जब आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता की धारा 12.1 लागू करते हुए पंचायतों की सीमाओं को फ्रीज कर दिया तो सरकार कैबिनेट से पंचायतों के पुनर्सीमांकन का आदेश जारी कर रही है। यह सीधे-सीधे सरकार का चुनाव आयोग से टकरा है और चुनाव आयोग के अधिकारों का हनन और फैसलों में हस्तक्षेप है। जिसे भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार भारतीय जनता द्वारा पार्टी के विधायकों द्वारा पूछे गए महत्वपूर्ण सवालों को स्थगित कर देती है यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को यह नहीं पता है क्या कि उन्होंने कितने रोजगार पिछले तीन सालों में स्थाई और अस्थाई तौर पर दिए हैं? क्या सरकार को यह नहीं पता है कि सुखविंदर सिंह के कार्यकाल में कितने लोगों को सलाहकार या ओएसडी जैसे पदों पर लगाया गया है। क्या सरकार ने उन्हें लगाते वक्त आंखें मूंद रखी थी जो उन्हें इसका अंदाजा नहीं है। या यह आंकड़े ऐसे हैं जिससे सरकार वह आंकड़ा देकर जनता को मुंह नहीं दिखा पाएगी। क्या सरकार को है नहीं पता है कि कितने लोगों सेवा विस्तार दिया गया और कितने लोगों पुनर्नियुक्ति दी गई है।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक साइबर ठगी का शिकार: 11.55 करोड़ रुपये चोरी..!
YouTube video player
प्रजासत्ता न्यूज़ एक प्रमुख हिंदी समाचार प्लेटफ़ॉर्म है, जो देश और दुनिया की ताजातरीन घटनाओं, राजनीति, समाज, खेल, मनोरंजन, और आर्थिक खबरों को सटीक और निष्पक्ष तरीके से प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सत्य, पारदर्शिता और त्वरित समाचार वितरण के जरिए पाठकों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना है। हम अपने कंटेंट के माध्यम से समाज की जागरूकता बढ़ाने और एक सूचित नागरिक समाज बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमारी न्यूज़ टीम हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी एकत्रित करती है और उसे सरल, सटीक और दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत करती है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल