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MBU की स्थापना में हुई अनियमितताएं,शिक्षा विभाग के कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों की बढ़ेगी मुश्किलें

MBU की स्थापना में हुई अनियमितताएं,शिक्षा विभाग के कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों की बढ़ेगी मुश्किलें

प्रजासत्ता|
मानव भारती विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री मामले मे अभी जाँच पूरी नही हो पाई है, वहीँ अब मानव भारती विश्वविद्यालय के स्थापना को लेकर भी एक और बड़ा खुलासा हुआ| जिसके बाद शिक्षा विभाग के कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों पर मुश्किलें बढ़ सकती है| सूत्रों की माने तो सीआईडी की विशेष जांच टीम ने सरकार से मामले से जुड़े शिक्षा विभाग के कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश पुलिस और सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय की स्थापना में हुई अनियमितता की) ने जांच पूरी कर ली है। जांच में सामने आया है कि मामले में शिक्षा विभाग के तत्कालीन अफसरों और विवि के ट्रस्ट की मिलीभगत थी। जाँच में मिले सबूतों के आधार पर अब जांच एजेंसी दोषी अधिकारीयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है|

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हालांकि असलियत क्या है, ये तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा, लेकिन एसआईटी को जांच में ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे साफ हो रहा है कि विश्वविद्यालय की स्थापना की अनुमति देने में खेल हुआ। फिलहाल जांच टीम ने भ्रष्टाचार करने वाले तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

बता दें कि साल 2008 में हिमाचल में धूमल सरकार थी तब विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने स्थापना की अनुमति मांगी थी तो उनके आवेदन को तत्कालीन कैबिनेट ने इसलिए नामंजूर कर दिया गया था कि क्योंकि ट्रस्ट के पास न तो शैक्षणिक अनुभव था और न वित्तीय स्थिति मजबूत थी। हालांकि इसके छह महीने बाद ही तत्कालीन धूमल सरकार में ही साल 2009 में शिक्षा विभाग ने ट्रस्ट के विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को कैबिनेट के पास भेज दिया, जिसेे मंजूरी दे दी गई।

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