Operation Lotus-2: हिमाचल प्रदेश की सियासत में इन दिनों भूचाल सा मचा हुआ है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री व बीजेपी के दिग्गज नेता अनुराग ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। दोनों ने कहा कि सरकार के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा और राज्यसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर हो सकता है। अनुराग ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस का कुनबा इतना बिखरा हुआ है कि कुछ बड़ा होने वाला है, जबकि जयराम ने चेतावनी दी कि प्रदेश में कभी भी चुनाव हो सकते हैं।
हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने ऊना में बैठक से पहले कहा कि सरकार के अपने मंत्री ही कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। एक मंत्री अफसरों पर आरोप लगाता है, दूसरा उसका विरोध करता है, तीसरा समर्थन करता है और मुख्यमंत्री कुछ और बोलते हैं। इतना बिखराव किसी सरकार में नहीं देखा। राज्यसभा चुनाव नजदीक हैं और पिछली बार की तरह फिर कलह खुलकर सामने आ रही है।
बता दें कि बीजेपी सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल 10 अप्रैल को खत्म हो रहा है, ऐसे में अटकलें तेज हैं कि कांग्रेस में फिर क्रॉस-वोटिंग या बड़ा खेल हो सकता है। अनुराग के बयान से ‘ऑपरेशन लोटस-2’ की चर्चा जोर पकड़ गई है।
वहीं दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मनाली-लाहौल में बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन में सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार के हालात इतने खराब हैं कि कभी भी चुनाव हो सकते हैं। जनता कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने को तैयार है। विक्रमादित्य सिंह के अफसरशाही विवाद पर जयराम ने कहा कि IAS-IPS एसोसिएशन की बयानबाजी जल्दबाजी है, मुख्यमंत्री को दोनों पक्षों को बैठाकर सुलझाना चाहिए। लेकिन मंत्री ही खिलाफत पर उतर आए हैं, तो विकास कैसे होगा?
जयराम ने कानून-व्यवस्था पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता का नशा कांग्रेसियों के सिर चढ़ा हुआ है, प्रदेश में कानून ध्वस्त हो चुका है। पटवारी-कानूनगो पर हमले हो रहे हैं, बस हादसे, थानों के बाहर धमाके हो रहे हैं, लेकिन सरकार मौन है। मुख्यमंत्री समोसा या जंगली मुर्गा की जांच में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का ध्यान केवल अपने मित्रों को कैबिनेट रैंक बांटने और परिवार के सदस्यों को नौकरी व पेंशन के लाभ पहुंचाने तक सीमित रह गया है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं को एक लाख नौकरियों का वादा दिखाकर ठगा गया,लेकिन तीन साल में दस हजार को भी रोजगार नहीं मिला। मंत्रियों का ध्यान सिर्फ अपने लोगों को फायदा पहुंचाने में है। उन्होंने कहा कि भाजपा का विपक्ष होने के नाते यह दायित्व है कि वह जनहित के विरुद्ध होने वाले हर कार्य का विरोध करे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही वर्तमान सरकार के हर गलत फैसले की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
कांग्रेस की ओर से अभी इन बयानों पर कोई जवाब नहीं आया, लेकिन बीजेपी के हमलों से सियासी पारा चढ़ गया है। राज्यसभा चुनाव से पहले क्या सच में बड़ा खेल होगा या सरकार संकट में फंसेगी? आने वाले दिन बताएंगे, लेकिन कांग्रेस सरकार में चल रही खींचतान से हिमाचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
















