Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की में पुराने बस स्टैंड के पास हुए भीषण अग्निकांड (Arki Fire Tragedy) के बाद चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन अब चार दिन बाद समाप्त कर दिया गया है। इस अभियान के दौरान मलबे से करीब 20 मानव अवशेष बरामद किए गए हैं। इन सभी अवशेषों की पहचान अब डीएनए जांच के जरिए की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था, लेकिन बाद में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिस मकान में आग लगी थी, वहां नेपाली मूल के कुल नौ परिवार रह रहे थे। इनमें से सात परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि दो नेपाली परिवारों के आग में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इन परिवारों में दो पुरुष, दो महिलाएं और पांच बच्चे शामिल थे।
जानकारी के अनुसार 12 जनवरी को बिहार निवासी राकेश के बेटे प्रियांशु की मौत हुई थी। उसी दिन मलबे से दो अवशेष मिले थे, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई। इसके बाद 13 जनवरी को सात अवशेष निकाले गए, जिनकी भी पुष्टि नहीं हो सकी। 14 जनवरी को सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन एक और अवशेष मिला। वहीं, 15 जनवरी को मलबे से 10 अवशेष और बरामद किए गए। इस तरह चार दिन में कुल 20 मानव अवशेष मिले हैं।
एसडीएम अर्की ने बताया कि सभी अवशेषों को डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को 25-25 हजार रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 12 दुकानों के मालिकों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है। प्रभावित लोगों को तिरपाल, कंबल, बर्तन, पानी की बाल्टी और गर्म कपड़े भी बांटे गए हैं। एसडीएम ने यह भी बताया कि घटनास्थल से हटाए गए मलबे को वार्ड नंबर-4 चौगान में रखा गया था, जहां से 10 अवशेष मिले थे।
क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि अर्की बाजार में बीते 12 जनवरी की सुबह करीब तीन बजे अचानक आग लग गई थी। आग अंगीठी से भड़कने की बात सामने आई है। आग लगने के बाद मौके पर रखे कई गैस सिलेंडर फट गए, जिससे पूरा मकान गिर गया। इस हादसे में नेपाली मूल के कुल नौ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में भवन मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है और जांच जारी है।
















