Himachal Water Tank Poisoning News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक बड़ा और खतरनाक मामला सामने आया है। रोहड़ू क्षेत्र के बरेष्टू गांव में पेयजल टैंक में मिलावट कर दी गई। पानी में जहरीला कीटनाशक डालकर पूरे गांव को मारने की कोशिश की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक 8 फरवरी की दोपहर को गांव के रहने वाले आदर्श शर्मा घर पर खाना खा रहे थे। तभी उन्हें पीने के पानी से तेज दवा जैसी गंध महसूस हुई। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को पानी न पीने की चेतावनी दी। लोगों ने जल शक्ति विभाग को सूचना दी और पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में साफ हो गया कि पानी में कीटनाशक की मिलावट की गई है।
बताया जा रहा है कि यह टैंक 30 घरों के करीब 200 लोगों को पीने का पानी देता है। अगर समय पर गंध न पकड़ी जाती तो इतने सारे लोगों की जान जा सकती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किसने इतनी बड़ी साजिश रची और पानी में जहर क्यों मिलाया।
शुरुवाती जांच में पता चला है कि पानी में सेब के बगीचों में इस्तेमाल होने वाली बेहद जहरीली दवा ‘डर्मिट’ मिलाई गई है। यह कीटनाशक सेब के पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए प्रयोग होती है, लेकिन इंसानों के लिए बहुत खतरनाक है। थोड़ी सी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस ने अभी तक किसी का नाम नहीं लिया है और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की गहन जांच चल रही है। स्थानीय लोग अब डरे हुए हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर किसने इतना बड़ा अपराध किया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषी का पता लगा लिया जाएगा।















