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श्रीखंड यात्रा 7 जुलाई 2023 से होगी शुरू, यात्रा से पहले करा लें अपना पंजीकरण

श्रीखंड यात्रा 7 जुलाई 2023 से होगी शुरू, यात्रा से पहले करा लें अपना पंजीकरण

प्रजासत्ता|
कुल्लू जिला प्रशासन ने श्रीखंड यात्रा के पंजीकरण हेतु ऑनलाइन प्लेटफार्म http://shrikhandyatra.hp.gov.in शुरू किया हुआ है। प्रशासन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे सभी श्रीखंड यात्रा से पहले अपना पंजीकरण करा लें। श्रीखंड यात्रा 7 जुलाई से शुरू हो रही है। प्रशासन ने आधिकारिक प्रारंभ तिथि से पहले यात्रा न करने की हिदायत दी है।

बता दें कि देश की कठिनतम यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुवात हो चुकी है। यह यात्रा सात जुलाई, से बीस जुलाई, तक श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की निगरानी में होगी। ये ट्रस्ट सिंहगाड, थाचड़ू, कुंशा, भीमडवारी और पार्वतीबाग में बेस कैंप स्थापित करेगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल, दवाइयां और ऑक्सीजन की व्यवस्था के अलावा रेस्क्यू टीमें, पुलिस और होमगार्ड के जवान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि कुल्लू जिला के निरमंड उपमंडल की 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंडेश्वर महादेव की यात्रा को लेकर हर साल हजारों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अमरनाथ यात्रा में जहां लोगों को करीब 14000 फीट की चढ़ाई करनी पड़ती है तो श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए 18570 फीट ऊंचाई पर चढ़ना होता है। शिव भक्तों को 35 किलोमीटर की जोखिम भरी यात्रा के बाद ही श्रीखंड महादेव के दर्शन हो पातें हैं।

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यात्रा से जुडी आवश्यक सूचनाएं :-
1. यह यात्रा दिनांक 07 जुलाई,2023 से 20 जुलाई,2023 तक होगी।
2. यात्रा न करने की सूरत में तथा बेस कैम्प सिंहगड में मेडिकल चैकअप में अस्वस्थ पाए जाने पर पंजीकरण शुल्क वापिस नहीं होगा।
3. 18 साल से कम तथा 60 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों को यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।
4. पंजीकरण करना अनिवार्य है, बिना पंजीकरण के यात्रा करने पर किसी भी बेस कैम्प से वापिस भेजा जा सकता है।
5. पंजीकरण फीस प्रति यात्रि 250/- रुपये है।

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यात्रा के लिए यात्री क्या करें
1. यात्री अपना पंजीकरण अवश्य करायें।
2. चिकित्सा प्रमाण पत्र अपने साथ लेकर आयें तथा बेस कैम्प सिंहगाड़ में स्वास्थ्य जांच अवश्य करायें। पूर्णतया स्वस्थ होने पर ही यात्रा करें।
3. अकेले यात्रा न करें केवल साथियों के साथ ही यात्रा करें।
4. चढाई धीरे धीरे चढे सांस फूलने पर वहीं रूक जायें।
5. छाता, बरसाती, गर्म कपडे़, गर्म जूते, टार्च एंव डण्डा अपने साथ अवश्य लायें।
6. प्रशासन द्वारा निर्धारित रास्तों का ही प्रयोग करें।
7. किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या हेतू निकटतम कैंप में सम्पर्क करें।
8. सफाई का विशेष ध्यान रखें।
9. दुर्लभ जड़ी बूटियों एंव अन्य पौधो के संरक्षण में सहयोग करें।
10. इस यात्रा को पिकनिक अथवा मौजमस्ती के रूप में न लें व केवल भक्तिभाव एंव आस्था से ही तीर्थ यात्रा करें।
11. किसी भी प्रकार का दान अथवा चढ़ावा केवल ट्रस्ट के दान पात्रों में ही डालें।
12. यात्री मास्क तथा सेनिटाइज़र साथ लाएं |
13. कोविड-19 नियमों का पालन करें |

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यात्रा के दौरान यात्री क्या न करें
1. सुबह 6 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद बेस कैम्प सिंहगाड़ से यात्रा न करें।
2. बिना पंजीकरण एंव चिकित्सकीये रूप से फिट न होने पर यात्रा न करें।
3. अपने साथियों का साथ न छोड़े, जबरदस्ती चढाई न चढें़ व फिसलने वाले जूते न पहने यह घातक हो सकता है।
4. किसी भी प्रकार के शॉर्ट कट का प्रयोग न करें।
5. खाली प्लास्टिक की बोतलें एंव रैपर इस्यादि खले में न फंेके बल्कि अपने साथ वापिस लाकन कूड़ादान में डाले।
6. जड़ी बूटियों एंव दुर्लभ पौधों से छेड़ छेड़ा न करें।
7. किसी भी प्रकार के नशाले पदार्थो मांस मदिरा इत्यादि का सेवन न करें। यह एक धार्मिक यात्रा है हसकी पवित्रता का ध्यान रखें।
8. श्री खण्ड महादेव की पवित्र चटान पर किसी भी प्रकार का चढ़ावा अथव त्रिशूल इत्यादि लगाने के लिये न चढें़। पवित्र चटटान अत्यन्त पावन शिवलिंग का स्वरूप है। इसके उपर पैर रखकर इसकी पवित्रता नष्ट न करें।

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