ICSE ISC Results 2026 Date: सीआईएससीई (CISCE) द्वारा आयोजित 10वीं (ICSE) और 12वीं (ISC) की बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित हुए लाखों छात्र अब अपने परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और बोर्ड के पिछले वर्षों के कार्यप्रणाली के आधार पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि परिणाम अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह या मई 2026 के पहले सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं। शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए आयोजित की गई ये परीक्षाएं छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
बोर्ड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ICSE यानी 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से 30 मार्च 2026 के बीच संपन्न हुईं। वहीं, ISC यानी 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होकर 06 अप्रैल 2026 तक चलीं। परीक्षाओं के समापन के बाद से ही छात्र और अभिभावक रिजल्ट की तारीख को लेकर उत्सुक हैं। बोर्ड जल्द ही रिजल्ट जारी करने की सटीक तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा अपनी वेबसाइट पर करेगा।
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्र सीआईएससीई की आधिकारिक वेबसाइट cisce.org और results.cisce.org पर जाकर अपने अंक देख सकते हैं। परिणाम देखने के लिए छात्रों को कुछ जरूरी जानकारी अपने पास रखनी होगी। इसमें कोर्स कोड, कैंडिडेट यूनिक आईडी (UID), इंडेक्स नंबर और स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा कोड शामिल है। पोर्टल पर इन विवरणों को दर्ज करने के बाद छात्र ‘Show Result’ बटन पर क्लिक करके अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। इसके अलावा, भविष्य के संदर्भ के लिए छात्र अपने रिजल्ट की प्रिंटेड कॉपी भी निकाल सकते हैं।
पिछले वर्षों के ट्रेंड पर नजर डालें तो सीआईएससीई समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करने के लिए जाना जाता है। पिछले वर्ष, 1 मई 2025 को बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित किए थे। आंकड़ों के अनुसार, 12वीं की परीक्षा में कुल पास प्रतिशत 99.02% रहा था, जिसमें छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा था। 10वीं कक्षा में भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिला था, जहां छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.37% और छात्रों का 98.84% रहा था।
सीआईएससीई बोर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी विषय में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों को व्यक्तिगत रूप से और कुल मिलाकर (ओवरऑल) न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। जो छात्र किन्हीं कारणों से न्यूनतम अंक प्राप्त करने में विफल रहते हैं, उन्हें बोर्ड द्वारा इम्प्रूवमेंट परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान किया जाता है। छात्र अधिकतम दो विषयों में यह सुधार परीक्षा दे सकते हैं, ताकि उनका एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के निर्देशों का पालन करते हुए बोर्ड ने छात्रों को पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की सुविधा भी दी है। पिछले साल शुरू की गई यह प्रक्रिया इस वर्ष भी जारी रहने की पूरी संभावना है। छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की मानक पुन: जांच (Re-check) के साथ-साथ री-इवैल्यूएशन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद जो अंक या सर्टिफिकेट जारी होगा, उसे ही अंतिम और मान्य माना जाएगा।
















