Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

ऐवरेस्ट को फतेह करना है अगला मकसद: अंजली

ऐवरेस्ट को फतेह करना है अगला मकसद: अंजली

कांगड़ा|
तंजानियां की किलिमंजारों पहाड़ियों पर गद्दी पारंपरिक परिधान लुआंचड़ी पहनकर तिरंगा फहराने वाली हिमाचल सहित देश का नाम रोशन करने वाली धर्मशाला की अंजली अब ऐवरेस्ट चढ़ना चाहती हैं। गद्दी पारंपरिक परिधान पहन कर आठ दिन की यात्रा चार दिन में पूरी करने वाली अंजली का नाम गोल्डन बुक आफ रिकार्ड के लिए भेजा गया है। अंजली ने वित्तीय चुनौतियों के बावजूद वह सरकार व समाज के सहयोग से अपने मुकाम को हासिल करना चाहती हैं।

अंजली को भविष्य में प्रदेश सरकार से उम्मीद है कि उन्हें स्पोंसरशिप मिल पाए और वह प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। इससे पहले भी वह ऐसी ही कई चोटियों को चढ़ चुकी हैं। अपनी इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद बुधवार को धर्मशाला पहुंचने पर अंजली का युवाओं ने पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया। अंजली की उपलब्धी को यादगार बनाने के लिए ईविंग्ज अकादमी में स्वागत व उनका सम्मान करने के बाद केक काटकर खुशी मनाई गई। अंजली की उपब्धि पर उन्हें बधाई देने वालों का
भी तांता लगा रहा है।

इसे भी पढ़ें:  Kangra News: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर करवाए जाएंगे उपलब्ध: बाली

इस मौके पर अंजली ने कहा कि एवरेस्ट जाने से पहले सभी निचली सीढ़ियों को चढ़ना चाहती हैं। अंजली का कहना है कि मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सांसद सहित बहुत सारी हस्तियों ने मेरी पोस्ट को शेयर किया जिससे मुझे हौंसला मिला है और भविष्य में इससे और अधिक ऊंची उड़ान भर पाएंगी।
उन्हें अपने मुकाम तक ले जाने ने अंजली ने जैस संस्था का आभार जताया है।

अंजली ने बताया कि जैस संस्था उन्हें सहयोग नहीं करती तो शायद वह इस मुकाम को हासिल नहीं कर पाती। उन्होंने ने संस्था के संस्थापक संजय चाड़क व ईं विंग्ज अकादमी के एमडी गुलशन वर्मा सहित सभी का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।

इसे भी पढ़ें:  नगरोटा बगवां बिजली विभाग द्वारा बर्खास्त कर्मचारी पर कोर्ट से मामला वापिस लेने का बनाया जा रहा दबाव
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल