Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

इंदौरा के बसंतपुर में री पोलिंग मे कुलदीप सिंह बने बसंतपुर के प्रधान

vote

बलजीत । इंदौरा
विधानसभा क्षेत्र इन्दौरा के अंतर्गत आती पंचायत बसंतपुर के चुनाव चुनाव आयोग द्वारा धारा 160 पंचायती राज के तहत चुनाव दोबारा करवाने की घोषणा की थी जो आज भारी पुलिस बल की तैनाती में सम्पन्न हो गए जिसके नतीजे आज फिर रोचक आये व कुलदीप सिंह उर्फ कालू व सिद्धान्त में हार जीत का फैसला मात्र 7 वोट का रहा वही जहां 19 जनवरी को हुए मतदान की संख्या 1408 थी वही आज के मतदान में बढ़ कर 1447 हो गई व कांटे की टक्कर में कुलदीप को 721 ओर सिद्धान्त को 714 मत मिले।

ज्ञात रहे कि विधानसभा क्षेत्र इन्दौरा के अंतर्गत आती पंचायत बसन्तपुर अतिदुर्लभ नजारा देखने को मिल रहा था जहां प्रत्येक पंचायत में एक प्रधान अपनी जीत दाखिल कर प्रधान बनने की खुशी मनाता है, तो वही बसन्तपुर में दो प्रधान अपनी जीत का ढोल बजा कर जश्न मना रहे थे ज्ञात रहे बीते कल बसन्तपुर पंचायत में चुनाव करवाये गए है जहां प्रधान पद के लिए चार उम्मीदवार खड़े थे अतः 1400 कुल मतदान हुआ था जिसमे उर्मिला देवी को 95 कृष्णा देवी को 86 सिद्धान्त मन्हास 605 व कुलदीप सिंह को 606 वोट मिले अत कुलदीप सिंह को विजयी घोषित करके जीत का सर्टिफिकेट दे दिया किन्तु सिद्धान्त मन्हास द्वारा आपत्ति जाहिर करने पर रिजेक्ट वोट की दोबारा

इसे भी पढ़ें:  कांगड़ा: बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग टूर्नामेंट में हादसा, लैंड करते समय नेपाल की प्रतिभागी घायल

जांच पर एक वोट सही पाया गया व सिद्धान्त व कुलदीप दोनों के 606 के वोट हो गए थे व पर्ची द्वारा नतीजा निकलने पर कुलदीप विजयी हो गया किन्तु सिद्धान्त के नही मानने पर एसडीएम इन्दौरा सोमिल गौतम व आईपीएस थाना प्रभारी इन्दौरा अभिषेक एस को हस्तक्षेप करना पड़ा अतः दोबारा पर्ची निकाली गई व सिद्धान्त को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया गया व अब दोनों ही अपने सर्टिफिकेट लेकर अपनी जीत की खुशी मना रहे थे इस मौके पर एडीसी कांगड़ा राहुल कुमार, एसडीएम नूरपुर सुरिंदर ठाकुर एसडीएम इन्दौरा सोमिल गौतम ,आईपीएस अशोक रत्न,आईपीएस अभिषेक सेकर मोके पर मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें:  नगरोटा बगवां के पठियार में बिजली चोरी का मामला ,विभाग बेख़बर
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल