Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

फॉलअप! फतेहपुर में हैंडग्रेनेड मिलने के मामले की जांच में जुटी पुलिस, विशेष आर्मी दल ने किया डिफ्यूज

-बीडी सेल धर्मशाला को बुलाया गया लेकिन यह सेल ग्रेनेड को डिफ्यूज करने में रही असफल
अनिल शर्मा।फतेहपुर
पुलिस थाना फतेहपुर के तहत पंचायत हाड़ा में बीईईओ कार्यालय के समीप झाड़ियों में जिंदा ग्रेनेड मिलने से पंचायत वासियों में हड़कंप मच हुआ है। स्थानीय लोगों द्वारा सैर करते समय हाड़ा में ग्रेनेड जैसी चीज देखी तो इसकी सूचना पुलिस थाना फतेहपुर में दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजिंदर कुमार टीम के साथ मौका पर पहुंच गए तथा जांच पड़ताल करने में जुट गए।

जानकारी के बाद एसपी नूरपुर अशोक रत्न भी पुलिस टीम के साथ मौका पर पहुंच गए। ग्रेनेड को डिफ्यूज करने के लिए बीडी सेल धर्मशाला को बुलाया गया लेकिन यह सेल ग्रेनेड को डिफ्यूज करने में असफल रहा।

इसे भी पढ़ें:  क्रिकेट खेलते समय नाबालिग ने बल्ले से अपने साथी को पिटा, PGI में मौत

बाद में जालंधर से विशेष आर्मी दल को बुलाया गया जिसने मौका पर पहुंचकर ग्रेनेड को बड़ी मुस्तैदी के साथ इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से उठाया तथा मझार में पौंग बांध किनारे सुरक्षित स्थान पर चलाकर डिफ्यूज किया।
अब सवाल उठता है कि यह ग्रेनेड यहां आया कैसे होगा।

एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि ग्रेनेड को मझार में पौंग झील किनारे सुरक्षित जगह पर चलाकर डिफ्यूज कर दिया है तथा पुलिस आगामी जांच कर रही है।

वहीं विशेष आर्मी जांच टीम को लीड करने वाले अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में ज्यादा पैनिक होने की जरूरत नहीं है। पुलिस और आर्मी मौके पर मौजूद है। उन्होंने कहा की अगर किसी को भी इस तरह की आपत्ति जनक वस्तु नज़र आती है, जिसके बारे में जानकारी न हो जिसपे लाल या पीले रंग का निशान बना है वह चीज खतरनाक हो सकती है। ऐसे तुरंत इससे दूर हो जाए इस तरह की चीजों को हाथ न लगाएं तथा इसकी सूचना नजदीकी पुलिस को दें।

इसे भी पढ़ें:  लंगर सेवादल मणिमहेश के लिए रवाना
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल