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बड़ा खुलासा: इंदौरा में जाली दस्तावेज देकर 150 से ज्यादा गाड़ियों की करवा दी रजिस्ट्रेशन

इन्दौरा आर एल ए कम एसडीएम कार्यकाल में उजागर हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा
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बलजीत | इंदौरा
नूरपुर में जाली दस्तावेज देकर गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन करवाने का मामला ठंडा हुआ भी नही था कि इन्दौरा के आरएलए कम एसडीएम कार्यालय में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने है। नूरपुर व इन्दौरा के दलाल जो कि मोटी रकम लेकर आरसी व लाइसेंस बनाने का काम करते है उनके द्वारा जाली कागजात पेश करके गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन करवा दी गयी है । प्राप्त जानकारी के अनुसार टेक्स बचाने के चक्कर मे ओर भारत स्टेज 4 गाड़ियां जो कि न्यायालय द्वारा अप्रैल 1/2020 को बंद कर दी गई थी की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए लोगो द्वारा जाली कागजात देकर रजिस्ट्रेशन कर दी गयी।

इनमे ज्यादातर रजिस्ट्रेशन अप्रैल 1/2020 से लेकर सितम्बर 2020 के बीच की गई हैै। वही जांच में पाया गया कि ज्यादातर लोगों द्वारा जाली आधार कार्ड पेश किए गए
क्योंकि बाकी राज्यों की अपेक्षा हिमाचल में रजिस्ट्रेशन फीस काफी कम है। वहीं कागजात में गाड़ियों की कीमत कम दिखाई गई है ताकि रोड टेक्स कम लगे। वही कुछ लोगो द्वारा यह भी दर्शाया गया है कि हम सैनिक है जिससे गाड़ियों पर लगने वाला रोड़ टैक्स कहीं ज्यादा कम हो जाता है।

ज्ञात रहे कि इन्दौरा आरएलए कम एसडीएम कार्यालय पहले भी जाली लाइसेंस बनाने में पहले भी सुर्खियों में रहा है व दलालो की डील करने की वीडियो भी काफी वायरल हुई थी। अतः यह कार्य कार्यलय के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना नही हो सकता। वही यहां कुछ ऐसी गाड़ियों की भी रजिस्ट्रेशन हुई है जिनकी कीमत करोड़ों रुपए है।

क्या कहते है एसडीएम इन्दौरा ?
वही एसडीएम इन्दौरा सोमिल गौतम ने बताया कि हमें उच्चाधिकारियों द्वारा नई तकनीक के सॉफ्टवेयर से जानकारी प्राप्त हुई थी कि कुछ गाड़ियों ऐसी है जिनकी जाली कागजात पेश करके रजिस्ट्रेशन हुई है उन्हें 7 दिन की मोहलत दी गयी है। अगर उनके द्वारा सही कागजात दिये गए है तो ठीक है अन्यथा उनकी आरसी को रद्द किया जाएगा व धारा 55 के तहत उन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी जिसकी सूची तैयार करके थाना इन्दौरा में भेजी जा रही है। वही तत्काल प्रभाव से कार्यलय के लेखाधिकारी को बदल दिया गया है व उसकी जगह नए लेखा अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

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