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मलबे में दबी 8 साल की वंदिका की समझदारी ने बचा ली परिवार की जान

मलबे में दबी थी 8 साल की वंदिका की समझदारी ने बचा ली परिवार की जान

कांगड़ा|
कांगड़ा जिले शाहपुर के बोह के रुपेहड़ गांव से पांच लाशें बरामद हो चुकी है| इनमें से चार मंगलवार को मिली है| वहीं, मलबे से पांच लोगों को बचाया गया है| इनमें सात और आठ साल की दो बच्चियां भी हैं| बता दें कि भूस्खलन की चपेट में आए लोगों में से एक आठ साल की बच्ची वंशिका की समझदारी ने पूरे परिवार को बचा लिया। हालांकि बच्ची अभी पीजीआइ चंडीगढ़ में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है।

प्राप्त जानकारी अनुसार वंशिका बोह स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा है। वैसे तो वे लोग मूल रूप से जिला चंबा के सिहुंता निवासी हैं। वंशिका के पिता लेंको हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। इसलिए वह यहां किराये के मकान में रहते हैं। आजकल वह गांव में आए हुए हैं। सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे भूस्खलन हुआ और इसकी चपेट में 15 लोग आ गए थे। मलबे में आठ वर्षीय वंशिका, उसके पिता, मां और डेढ़ साल का भाई भी दब गया था।

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मासूम का चेहरा मकान की दीवार की ओर था और इस कारण वह होश में थी। उस समय उसके हाथ में मोबाइल फोन था। बच्ची ने मोबाइल से अपने अध्यापक सुरेंद्र कुमार को फोन किया और बताया कि उनका परिवार मलबे में दब गया है। बच्ची की बात सुनकर अध्यापक सुरेंद्र कुमार ने संपर्क बनाए रखा। बाद में अध्यापक ने स्थानीय लोगों की सहायता से घर की छत पर छेद कर सबको बारी-बारी बाहर निकाला।

बच्ची के पिता सिविल अस्पताल शाहपुर में भर्ती हैं। इसके बाद बच्ची को सिविल अस्पताल शाहपुर अस्पताल लाया गया लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा रेफर कर दिया। बाद में बच्ची को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया है और वहां उसकी हालत गंभीर है। बच्ची की मां और भाई भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

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वहीँ अध्यापक सुरिंदर ने बताया कि वह गांव के ही स्कूल में जेबीटी शिक्षक हैं| घटना वाले दिन सोमवार सुबह से लगातार बारिश हो रही थी| ऐसा लगा कि बादल फट गया हो| सुरिंदर बताते हैं कि उनकी शिष्या वंदिका का उन्हें जान बचाने को लेकर फोन आया| सुरिंदर की मानें तो उस वक्त उन्हें कुछ नहीं सूझा और बच्ची को बचाने के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली और बच्ची को उस मलबे से बाहर निकाला| बच्ची के अलावा, इस दौरान ग्रामीणों ने चार अन्य लोगों को भी बाहर निकालने में सफलता हासिल की|

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
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