Kangra News Today: हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज के चर्चित तलवार कांड और पार्किंग विवाद से जुड़े मामले में आरोपी अमनदीप सिंह को कांगड़ा स्थित धर्मशाला की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-द्वितीय अदालत ने राहत प्रदान की है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी की नियमित जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता नीलम जरियाल ने न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखा।
दरअसल, यह पूरा मामला मैक्लोडगंज थाने से संबंधित है, जहां एफआईआर संख्या 50/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115(2), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के अंतर्गत कार्रवाई की थी। घटना के बाद से ही यह मामला स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में बना हुआ था।
अदालत ने सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं और तथ्यों का गहनता से अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि मामले की प्राथमिक जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से पुलिस को किसी भी तरह की लंबित बरामदगी नहीं करनी है। इसके अलावा, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर सीधे तौर पर हथियार चलाने या उसका इस्तेमाल करने का कोई विशिष्ट आरोप दर्ज नहीं है।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी रेखांकित किया कि कथित हथियार आरोपी के व्यक्तिगत कब्जे से बरामद नहीं किया गया था। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि इस पूरी घटना से संबंधित एक क्रॉस-एफआईआर भी दर्ज है। इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत अर्जी को स्वीकार करने का निर्णय लिया।
आरोपी की अधिवक्ता नीलम जरियाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने आरोपी को रिहा करने के लिए 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बॉन्ड और इतनी ही राशि का एक जमानती पेश करने का निर्देश दिया है। इन औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद जमानत की प्रक्रिया निष्पादित की जाएगी।
जमानत की मंजूरी के साथ अदालत ने आरोपी पर कड़ी शर्तें भी लागू की हैं। आदेश के अनुसार, आरोपी को मुकदमे की प्रत्येक सुनवाई की तारीख पर अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही आरोपी गवाहों को प्रभावित करने, उन्हें धमकी देने या साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने का प्रयास नहीं करेगा। जमानत अवधि के दौरान आरोपी को किसी भी अन्य आपराधिक गतिविधि में संलिप्त न होने की सख्त ताकीद की गई है।
अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि जमानत देते समय की गई ये टिप्पणियां केवल जमानत अर्जी के निपटारे तक सीमित हैं। इन्हें मुख्य मामले के ट्रायल के दौरान मुकदमे के गुण-दोष पर अदालत की अंतिम राय नहीं माना जाएगा। जमानत से जुड़ा यह महत्वपूर्ण आदेश 16 सितंबर 2026 को पारित किया गया।
क्या था मैक्लोडगंज तलवार कांड
बता दें कि अगस्त माह के अंत में धर्मशाला के मैक्लोडगंज स्थित धर्मकोट टैक्सी स्टैंड पर कार पीछे करने की बात को लेकर स्थानीय युवकों और पंजाब के पर्यटकों के बीच विवाद हुआ, जिसने बाद में खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। स्थानीय निवासी विपन द्वारा चालक को ध्यान से कार पीछे करने की सलाह देने पर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि कार सवार पंजाब निवासी जपनूर सिंह ने तलवार निकालकर स्थानीय युवक पंकज डोगरा की पीठ पर हमला कर दिया, जबकि गुरविंद्र और दमनप्रीत ने उसे पकड़ रखा था। वहीं, अमनदीप नामक पर्यटक ने पंकज के भाई अतुल पठानिया के साथ मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गया।
इस हिंसक झड़प में तलवार और रॉड चलने के कारण दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने पंकज डोगरा की शिकायत पर चारों आरोपी पर्यटकों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है, साथ ही दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।


















