HRTC Bus Accident Kinnaur: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में वीरवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब यात्रियों से भरी हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की एक बस सड़क से बाहर निकलकर डंगे पर अटक गई। घटना के समय बस में कुल 10 यात्री सवार थे, जो रूपी के मझगांव से रिकांगपिओ की ओर जा रहे थे। पहाड़ी क्षेत्र की संकरी सड़कों पर हुई इस घटना से कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना वीरवार सुबह करीब सात बजे की है। एचआरटीसी की यह बस मझगांव से अपनी निर्धारित यात्रा पर निकली थी और रिकांगपिओ की तरफ बढ़ रही थी। यात्रा के दौरान जब बस पोस्पा के पास पहुंची, तो अचानक उसके ब्रेक सिस्टम का प्रेशर डाउन हो गया। ब्रेक फेल होने के कारण चालक के लिए वाहन को नियंत्रित करना बेहद कठिन हो गया और वाहन अनियंत्रित होने लगा।
इसी दौरान रास्ते के एक तीखे मोड़ पर बस का अगला टायर सड़क की सीमा से पूरी तरह बाहर निकल गया। बस का अगला हिस्सा सड़क के किनारे हवा में लटक गया, जिससे स्थिति अत्यधिक खतरनाक हो गई। सड़क के उस हिस्से के ठीक नीचे गहरी ढलान थी और कुछ ही दूरी पर सतलुज नदी बह रही थी। ऐसे में यदि वाहन थोड़ा भी संतुलन खो देता, तो वह सीधे गहरी खाई में जा सकता था और एक भीषण हादसा घटित हो सकता था।
संकट की इस घड़ी में बस के चालक ने घबराने के बजाय समझदारी और पेशेवर सूझबूझ का परिचय दिया। उसने अत्यंत ठंडे दिमाग से काम लेते हुए वाहन के पहियों को सही दिशा में मोड़ा और नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया। चालक के इस त्वरित और सटीक प्रयास के कारण बस पूरी तरह नीचे ढलान में जाने के बजाय सड़क किनारे बने सुरक्षात्मक डंगे पर ही अटक गई। चालक के इस साहसिक और समय पर उठाए गए कदम से बस में सफर कर रहे सभी 10 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया, हालांकि किसी भी यात्री को इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की चोट नहीं आई। सभी यात्री सुरक्षित रूप से वाहन से बाहर निकाले गए। पहाड़ी रास्तों पर इस प्रकार सड़क के किनारे वाहन का लटक जाना एक बेहद गंभीर सुरक्षा स्थिति मानी जाती है। यदि चालक ने मौके पर वाहन को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त नहीं की होती, तो नीचे सतलुज नदी होने के कारण परिणाम अत्यंत विदारक हो सकते थे।
घटना के संबंध में रिकांगपिओ डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक का कार्यभार संभाल रहे कार्यशाला प्रभारी राज कुमार नेगी ने मीडिया को जानकारी दी कि उन्हें फोन के माध्यम से इस दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से एक तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन में किस प्रकार की तकनीकी खराबी उत्पन्न हुई थी और अचानक ब्रेक का प्रेशर क्यों डाउन हुआ, इन सभी बातों का वास्तविक खुलासा तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।


















