Manicure and Pedicure Benefits: आप अक्सर अपने हाथों और नाखूनों को प्राथमिकता कब देते हैं? मैनीक्योर और पेडिक्योर की तारीख नजदीक आते ही एक सुखद अहसास होने लगता है। हालाँकि, हम मैनीक्योर और पेडिक्योर को अक्सर केवल शारीरिक सुंदरता के पैमानों से ही आंकते हैं, लेकिन इसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अनेक फायदे हैं।
मैनीक्योर और पेडिक्योर मात्र नाखूनों की सफाई ही नहीं, बल्कि यह ‘सेल्फ केयर’ की एक जरूरी कड़ी है। इससे स्वास्थ्य लाभ होता है, सुंदरता में निखार आता है, रक्त संचार बढ़ता है, हाइजीन (स्वच्छता) को बढ़ावा मिलता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इससे जहाँ आपकी त्वचा कोमल रहती है और नाखून स्वस्थ रहते हैं, वहीं आपका तनाव भी नियंत्रण में रहता है। इसके अतिरिक्त यह किफायती है, कम समय में हो जाता है और ट्रेंडी लुक पाने का सबसे आसान तरीका है।
1. बेहतर रक्त संचार
जब आप मैनीक्योर और पेडिक्योर करवाते हैं, तो इस प्रक्रिया का एक बड़ा लाभ यह है कि शरीर में रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बेहतर होता है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है। रक्त संचार बढ़ने से शरीर में गर्माहट आती है, जो सर्दियों के मौसम में बहुत आरामदायक अहसास देती है। इससे हाथों और पैरों की सूजन व दर्द कम होता है, जिससे विशेषकर जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को राहत मिलती है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन त्वचा में कसावट लाता है, जिससे झुर्रियां कम होती हैं और आप युवा दिखते हैं।
यह आपके हृदय के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। जब हृदय रक्त को शरीर में पंप करता है, तो उस प्रक्रिया में पोषक तत्व और ऑक्सीजन अंगों तक पहुँचते हैं और हानिकारक पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। मैनीक्योर और पेडिक्योर के दौरान किया जाने वाला हल्का स्पर्श, आरामदायक माहौल और सुगंधित तेलों की खुशबू एक शांत प्रवृत्ति का अहसास दिलाती है, जिससे तनाव और बेचैनी का स्तर कम होता है। इस प्रक्रिया में आप काफी समय स्वयं की देखभाल पर बिताते हैं, जिससे आपका मूड और आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और जोड़ों की गतिशीलता में सुधार होता है।
2. संक्रमण से बचाव
हमारे हाथ-पैर दिन भर कई तरह की सतहों के संपर्क में आते हैं, जिससे गंदगी, धूल और मिट्टी जमा हो जाती है। इसकी वजह से नाखून गंदे हो जाते हैं और त्वचा प्रभावित होती है। नियमित मैनीक्योर और पेडिक्योर नाखूनों को साफ और सुव्यवस्थित रखने में मदद करते हैं, जिससे फंगल और जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इन्फेक्शन) का खतरा कम हो जाता है।
मृत त्वचा कोशिकाओं (डेड स्किन सेल्स) को हटाने और क्यूटिकल्स की उचित देखभाल से संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है। पैरों के नाखूनों को साफ और छोटा रखने से वे अंदर की तरफ नहीं बढ़ते, जिससे दर्द और संक्रमण से बचाव होता है। मैनीक्योर और पेडिक्योर में उपयोग किए जाने वाले पोषक क्रीम और तेल नाखूनों को मॉइस्चराइज़ करते हैं, जिससे वे टूटते नहीं हैं और उन पर उबड़-खाबड़ धब्बे भी नहीं पड़ते।
3. तनाव में कमी
मैनीक्योर और पेडिक्योर की मसाज के दौरान मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, जिससे मानसिक तनाव कम होता है। मसाज के दबाव और मूवमेंट से थकान दूर होती है और संपूर्ण तंदुरुस्ती को बढ़ावा मिलता है। यह प्रक्रिया हाथों और पैरों की नसों को शांत करती है। पैरों को गर्म पानी में डुबोने से दिन भर की थकान पूरी तरह मिट जाती है। यह कठोर मांसपेशियों को नरम बनाकर उनकी पीड़ा कम करता है और उनमें लचीलापन लाता है।
4. नमी बनाए रखना
त्वचा की नमी बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण काम होता है। एक अच्छे मैनीक्योर और पेडिक्योर में ‘डीप हाइड्रेशन’ प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो त्वचा की प्राकृतिक नमी और लचीलेपन को सुधारने में मदद करती है। इससे त्वचा को फटने से रोका जा सकता है और दाग-धब्बों से भी मुक्ति मिलती है। तेल और क्रीम की मालिश त्वचा की कोमलता को बरकरार रखती है।
5. नाखून और त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार
मैनीक्योर और पेडिक्योर नाखूनों की गहराई से सफाई करते हैं। इस तकनीक से हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं, जिसका नाखूनों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। क्यूटिकल्स को ट्रिम करने से ‘हैंगनेल’ (नाखूनों के आसपास की त्वचा) में होने वाली पीड़ा को रोका जा सकता है और नाखून मजबूत होते हैं। नियमित उपचार से त्वचा की नई कोशिकाओं का विकास होता है और उचित ‘एक्सफोलिएशन’ सुनिश्चित होता है, जो कि स्वस्थ हाथों और पैरों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
लेखिका: अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ हैं और ‘हर्बल क्वीन’ के रूप में लोकप्रिय हैं।

















