Jaundice in Mandi Gohar: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर उपमंडल में पीलिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हालात अब बहुत चिंताजनक हो चुके हैं, क्योंकि पीलिया से मौतों का आंकड़ा अब तीन पहुँच चूका है। वहीं, अब तक 210 से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। पीलिया के बढ़ते प्रकोप को देखकर स्थानीय लोग बहुत गुस्से में हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया को रोकने में पूरी नाकाम रहा है।
बताया जा तह है कि नेहरा पंचायत के रौडी गांव में 19 साल की नवविवाहिता शानिया देवी, जो सौरव की पत्नी थीं, पीलिया से पीड़ित होकर इलाज के दौरान चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में देर रात नहीं रहीं। उनकी मौत के बाद इस बीमारी से मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई है। उनसे पहले एक महिला उमा देवी बुराहटा निवासी , और उदित शर्मा दाड़ी निवासी की मौत भी पीलिया से हो चुकी है।
शानिया बासा महाविद्यालय में बीए दूसरे वर्ष की छात्रा थीं। करीब एक हफ्ते पहले उनमें पीलिया के लक्षण नजर आए। शुरू में उन्हें गोहर के सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया। लेकिन हालत बिगड़ती गई तो डॉक्टरों ने उन्हें नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां भी कोई खास फायदा नहीं हुआ। स्थिति बहुत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया। वहां भी लगातार इलाज चलता रहा, मगर शानिया की जान नहीं बचाई जा सकी। उनकी मौत की खबर से पूरे इलाके में गहरा मातम छा गया है।
पीलिया से तीसरी मौत से लोग सदमे में हैं और डर का माहौल है। इलाके में पीलिया के बढ़ते प्रकोप को देखकर स्थानीय लोग बहुत गुस्से में हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया को रोकने में पूरी तरह नाकामयाबी दिखाई है। 210 से अधिक मरीज होने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत प्रभावी कार्रवाई करे। बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि और लोगों की जान बचाई जा सके और इलाके में सुरक्षित माहौल बन सके।


















