Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

आज नहीं होगा मेयर का चुनाव, पार्षदों के बीच हाथापाई, सदन के अंदर चली कुर्सियां

[ad_1]

Delhi Mayor elections: दिल्ली में MCD इलेक्शन के बाद आज मेयर डिप्टी मेयर का चुनाव होना था। इस बीच सदन में आप और बीजेपी पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ। बात मारपीट और हाथापाई तक पहुंच गई। दोनों पार्टियों के पार्षदों में धक्का मुक्की भी हुई। कुर्सियां भी चलीं। हंगामे के चलते आज दिल्ली मेयर का चुनाव स्थागित कर दिया गया है।

मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में हंगामा किया। AAP के पार्षदों का कहना है कि मनोनीत पार्षद गैरकानूनी तरीके से सदन में भेजे गए हैं उनको शपथ नहीं दिलाई जानी चाहिए।

इसे भी पढ़ें:  पुंछ में सीजफायर उल्लंघन की खबर गलत, भारतीय सेना ने किया खंडन

मनोज तिवारी ने ने AAP पर साधा निशाना

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने सदन में हंगामे को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने का कि 49 से 134 होते ही आप के पार्षदों ने शुरू की गुंडागर्दी। धक्के मारना, लड़ना झगड़ना, कानून को ना मानना ये ही सच है इस गुंडा पार्टी का। केजरीवाल खुद अपने घर बुला कर अफ़सर और नेतायो को धमकाते और पिटवाते हैं तो उनके चेलों से और क्या उम्मीद कर सकते हैं।”

AAP को बहुमत

सदन में हंगामें के बाद चुनाव की प्रक्रिया को एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। AAP ने 4 दिसंबर को हुए MCD चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के 15 साल के लंबे शासन को समाप्त कर दिया। आम आदमी पार्टी, जिसने 134 सीटों के साथ दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का चुनाव जीता है।

इसे भी पढ़ें:  आज कहां क्या हुआ, यहां एक क्लिक पर पढ़ें पूरी खबर

AAP के पास 134 पार्षद

दिल्ली में मेयर का चुनाव रोचक हो गया है। आम आदमी पार्टी के पास एमसीडी के सदन में बहुमत है, ये जानते हुए भी बीजेपी ने अपना मेयर उम्मीदवार उतारा है। आम आदमी पार्टी नंबर गेम में बीजेपी से कहीं आगे है। मेयर के चुनाव में 273 मेंबर्स वोट डालेंगे। बहुमत के लिए 133 का आंकड़ा चाहिए। AAP के पास 134 पार्षद हैं। इसके अलावा 3 राज्यसभा सांसद और 13 विधायक हैं। वहीं, भाजपा के पास 7 सांसद और 1 विधायक मिलाकर कुल 113 वोट हैं।

 

 



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल