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इंश्योरेंस के 7 करोड़ रुपए के लिए हत्या की, फिर खुद की मौत की खबर भी फैलाई… जानें सरकारी अफसर की पूरी करतूत

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Telangana: तेलंगाना सरकार के एक अधिकारी ने 7 करोड़ रुपये से अधिक की बीमा राशि के लिए एक दूसरे युवक की हत्या कर दी, फिर अपनी मौत की झूठी खबर भी फैलाई। मामला मेडक जिले का बताया जा रहा है। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने सरकारी अधिकारी, उसकी पत्नी और दो अन्य रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है।

मुख्य आरोपी तेलंगाना राज्य सचिवालय में सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) के रूप में कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक, आरोपी को शेयर बाजार में 85 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। घाटे से उबरने के लिए मुख्य आरोपी ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के साथ एक योजना बनाई।

प्लानिंग कर 7.4 करोड़ की 25 बीमा पॉलिसी खरीदी

योजना के तहत, अधिकारी और अन्य आरोपियों ने घाटे से उबरने के लिए पहले 7.4 करोड़ रुपये की 25 बीमा पॉलिसी खरीदी। फिर बीमा राशि का दावा करने के लिए अपने जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति को मारने की योजना बनाई। 8 जनवरी को ASO ने एक अन्य आरोपी के साथ निजामाबाद रेलवे स्टेशन के पास से एक व्यक्ति को अपनी बातों में उलझाया और साथ चलने को कहा।

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मुख्य आरोपी और उसके साथी ने रेलवे स्टेशन से लाए गए शख्स का सिर मुंडवा दिया और फिर अधिकारी ने उसे अपने कपड़े पहना दिए। दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन से लाए गए शख्स को लेकर वेंकटपुर गांव पहुंचे। यहां अधिकारी ने अपनी कार के अंदर और बाहर पेट्रोल डाला और अपने साथ लाए गए शख्स को अंदर बैठने को कहा। जब शख्स ने इनकार किया तो दोनों आरोपियों ने मिलकर उसे मार डाला। फिर कार को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने अधिकारी को मृत घोषित किया था

मेडक जिले के वेंकटपुर गांव के बाहरी इलाके में एक खाई में पूरी तरह से जली हुई कार में एक व्यक्ति का शव मिला था। जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया था और सभी कोणों से जांच की थी। जांच के दौरान एक बैग में मिले आईडी कार्ड के आधार पर सरकारी कर्मचारी को मृत व्यक्ति माना। पुलिस ने बताया कि हैदराबाद में तेलंगाना राज्य सचिवालय में सहायक अनुभाग अधिकारी के रूप में कार्यरत अधिकारी की मौत हो चुकी है।

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किसी एंगल में पुलिस को शक होने पर दोबारा जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि अधिकारी जीवित है और उसने इंश्योरेंस की राशि के लिए अपनी मौत का झूठा ड्रामा किया था। पुलिस ने कहा कि पर्याप्त सबूत होने के बाद अधिकारी, उसकी पत्नी और अन्य दो रिश्तेदारों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

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